छत्तीसगढ़ शराब 'घोटाला:उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत दी
संजीव राजकुमार
- 02 Jan 2026, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
रायपुर, दो जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में जमानत दे दी।
ईडी के अधिवक्ता सौरभ कुमार पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उच्च न्यायालय ने चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाले के दो मामलों में जमानत दे दी है।
चैतन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने कथित शराब घोटाले में मामले दर्ज किये थे।
पांडे ने कहा कि आदेश की प्रति अपलोड होने के बाद, जिन आधारों पर जमानत दी गई है, उनकी जानकारी साझा की जाएगी।
चैतन्य के पिता भूपेश बघेल ने उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे "सत्य की जीत" बताया।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा,‘‘सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत दी है। यह बहुत खुशी की बात है कि चैतन्य को जमानत मिल गई है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि चैतन्य को पप्पू बंसल के बयान के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, जो फरार है।
बघेल ने कहा, ‘‘मैं शुरू से ही यह कह रहा हूं कि केंद्र और राज्य सरकारें हमें परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय , केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि लोग अब समझ गए हैं कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी पार्टियों को निशाना बनाती है।
बघेल ने कहा, “जो लोग डर जाते हैं, वे उनकी पार्टी में शामिल हो जाते हैं या समझौता कर लेते हैं। जो ऐसा नहीं करते, उन्हें जेल भेज दिया जाता है। हमारे पूर्वज आज़ादी की लड़ाई के दौरान जेल गए थे। अगर वे अंग्रेजों से नहीं डरे, तो हम आज उनसे (भाजपा) क्यों डरें?”
ईडी ने 18 जुलाई को कथित घोटाले की धनशोधन जांच के सिलसिले में चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, राज्य की एजेंसी ने 24 सितंबर को इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। तब वह पहले से ही जेल में थे।
ईडी के अनुसार, राज्य में शराब "घोटाला" 2019 और 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी।
केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक कथित घोटाले से राज्य के खजाने को "भारी नुकसान" हुआ और शराब ‘सिंडिकेट’ के लाभार्थियों की जेबें भर गईं।
ईडी ने दावा किया था कि चैतन्य कथित शराब घोटाले के पीछे ‘सिंडिकेट’ का मुखिया था और उसने घोटाले से मिले लगभग एक हजार करोड़ रुपये खुद संभाले थे।
एसीबी/ईओडब्ल्यू ने दावा किया था कि चैतन्य ने उच्च स्तर पर अपराध की कमाई का प्रबंधन करने के साथ-साथ अपने हिस्से के रूप में लगभग 200-250 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
राज्य एजेंसी ने दावा किया था कि घोटाले की जांच से पता चलता है कि कथित घोटाले से अपराध की कुल कमाई 3500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
भाषा संजीव