एटीएफ की कीमत में 7.3 प्रतिशत की भारी कटौती, वाणिज्यिक एलपीजी 111 रुपये प्रति सिलेंडर महंगा
योगेश रमण
- 01 Jan 2026, 09:26 PM
- Updated: 09:26 PM
नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत में बृहस्पतिवार को 7.3 प्रतिशत की कटौती की गई जबकि वाणिज्यिक एलपीजी 111 रुपये प्रति सिलेंडर महंगा किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने वैश्विक ईंधन मानकों के अनुरूप अपने मासिक मूल्य संशोधन को लागू करते हुए दाम संशोधित किए हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के ईंधन खुदरा विक्रेताओं के अनुसार, दिल्ली में एटीएफ की कीमत 7,353.75 रुपये प्रति किलोलीटर यानी 7.3 प्रतिशत की कटौती के साथ 92,323.02 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई।
वहीं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 111 रुपये की बढ़ोतरी की गई।
वाणिज्यिक एलपीजी की कीमत बढ़ने पर पेट्रोलियम मंत्रालय के बयान में कहा गया कि इसकी कीमत बाजार आधारित है और अंतरराष्ट्रीय मानकों से जुड़ी हुई है।
बयान में कहा गया, "इसी के अनुसार वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में बदलाव वैश्विक एलपीजी कीमतों और संबंधित लागतों में उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।"
भारत अपनी कुल एलपीजी की जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, इसलिए घरेलू एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय दरों से जुड़ी होती हैं। इसमें सऊदी अरब की अनुबंध कीमत अंतरराष्ट्रीय मानक के रूप में काम करती है।
बयान में कहा गया है कि जुलाई 2023 में सऊदी अरब में एलपीजी की कीमत 385 डॉलर प्रति टन थी, जो नवंबर 2025 तक बढ़कर 466 डॉलर प्रति टन हो गई। यानी कीमत में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन इस दौरान भारत में घरेलू एलपीजी की कीमत 1,103 रुपये से घटकर 853 रुपये हो गई, यानी 22 प्रतिशत की कमी आई।
बयान में कहा गया कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 950 रुपये है। घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए दिल्ली में गैर-प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) उपभोक्ताओं को 853 रुपये में और पीएमयूवाई लाभार्थियों को 553 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है।
बयान में कहा गया कि इससे पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की वास्तविक कीमत में करीब 39 प्रतिशत की कमी हुई है, जो अगस्त 2023 में 903 रुपये थी और नवंबर 2025 में घटकर 553 रुपये हो गई। यह सरकार के स्वच्छ रसोई ईंधन के निरंतर इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के प्रयास को दर्शाता है। इस कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों की संख्या बहुत कम लगभग 30 लाख है जबकि घरेलू एलपीजी उपयोगकर्ता 33 करोड़ से अधिक हैं। वाणिज्यिक एलपीजी मुख्य रूप से बड़े होटल, रेस्तरां और अन्य बड़े व्यवसायों में इस्तेमाल होता है, जबकि घरेलू एलपीजी पूरे देश में घरों में खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता है।
एटीएफ की कीमतों में यह कटौती तीन लगातार मासिक बढ़ोतरी के बाद की गई है। एक दिसंबर को कीमत 5,133.75 रुपये प्रति किलोलीटर यानी 5.4 प्रतिशत बढ़ाई गई थी। उससे पहले एक नवंबर को कीमत में लगभग एक प्रतिशत और एक अक्टूबर को 3.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।
बृहस्पतिवार को घोषित कटौती से एक अक्टूबर से हुई मूल्य वृद्धि के दो-तिहाई से अधिक हिस्से की भरपाई हो गई है।
इस नवीनतम कटौती से विमानन कंपनियों पर दबाव कम होने की उम्मीद है जिनके परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है।
मूल्य परिवर्तन के प्रभाव पर विमानन कंपनियों ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।
मुंबई में एटीएफ की कीमत संशोधित होकर 86,352.19 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई जबकि चेन्नई और कोलकाता में कीमतें क्रमशः 95,770 रुपये और 95,378.02 रुपये प्रति किलोलीटर पर पहुंच गई।
स्थानीय करों के कारण शहरों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग होती हैं। इसके साथ ही दिल्ली में होटल व रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 111 रुपये की वृद्धि की गई है। इससे इसकी कीमत बढ़कर 1,691.50 रुपये हो गई है।
दो बार मासिक कटौती के बाद अब कीमतों में यह वृद्धि हुई है। 19 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत में आखिरी कटौती एक दिसंबर को 15.50 रुपये प्रति सिलेंडर की गई थी। इससे पहले प्रति सिलेंडर कीमत में पांच रुपये की कटौती की गई थी। वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतें अब पिछले साल जून के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर हैं।
घरेलू रसोई में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की कीमतें अप्रैल 2025 में 50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 853 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर अपरिवर्तित रहीं।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अंतरराष्ट्रीय मानकों और विनिमय दर के आधार पर हर महीने की पहली तारीख को एटीएफ और एलपीजी की कीमतों में संशोधन करती हैं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले साल मार्च में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। तब से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 87.62 रुपये प्रति लीटर है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर प्रति वर्ष नौ रिफिल तक 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी जारी रखने को मंजूरी दी है, जिसके लिए 12,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम घरों में स्वच्छ रसोई ईंधन को सुलभ और किफायती बनाने पर सरकार की लगातार ध्यान देने वाली नीति को दर्शाता है।
बयान में कहा गया कि वित्त वर्ष 2024-25 में अंतरराष्ट्रीय एलपीजी की कीमतें बढ़ी हैं और अभी भी ऊंची बनी हुई हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को वैश्विक कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए इस बढ़ोतरी से घरेलू एलपीजी की कीमतों में अलग रखा गया है। इससे तेल विपणन कंपनियों को लगभग 40,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
इसमें कहा गया कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति लगातार और सस्ती दरों पर सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने हाल ही में तेल विपणन कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मंजूरी दी है।
इसके अलावा, नए साल की शुरुआत में स्वच्छ ईंधन उपयोगकर्ताओं के लिए अच्छी खबर आई है। एक जनवरी से कुछ शहरों में सीएनजी और पीएनजी की कीमतें घटा दी गई हैं।
इसमें दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पीएनजी की कीमतों में कमी और गैस वितरण कंपनियों द्वारा सीएनजी और घरेलू पीएनजी की कीमतों में एक-एक रुपये की कटौती शामिल है।
ये कटौतियां हाल ही में पाइपलाइन शुल्क में हुए बदलाव के बाद की गई हैं और इससे घरों और वाहनों के उपयोगकर्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
भाषा योगेश