महात्मा गांधी की विरासत को मिटाने के प्रयासों को विफल किया जाना चाहिए: मुख्यमंत्री सिद्धरमैया
संतोष नरेश
- 28 Dec 2025, 10:31 PM
- Updated: 10:31 PM
बेंगलुरु, 28 दिसंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि एक आंदोलन और एक विचारधारा है। सिद्धरमैया ने पार्टी कार्यकर्ताओं से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विरासत को मिटाने के प्रयासों को विफल करने का आह्वान किया।
वह यहां कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित कांग्रेस स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘कांग्रेस सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी नहीं है, यह एक आंदोलन और विचारधारा है। हम सभी आंदोलन में हैं। हमारी विचारधारा समानता और सभी के लिए समान अवसर है।’’
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपिता की विरासत को मिटाने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस कार्यसमिति ने पांच जनवरी से ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक सतत आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।’’ उन्होंने सभी से इस प्रयास में साथ देने की अपील की।
कांग्रेस पांच जनवरी को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में लाए गए ग्रामीण रोजगार कानून (मनरेगा) को निरस्त करने के खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू करेगी।
20 साल पुराने मनरेगा की जगह लेने वाला ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच हाल ही में संपन्न संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में पारित किया गया। सिद्धरमैया के मुताबिक भाजपा की उपलब्धि देश और समाज को बांटना है।
उन्होंने भाजपा पर महात्मा गांधी की विरासत को ‘कमजोर’ करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘किसी में भी इतनी नफरत नहीं होनी चाहिए। महात्मा गांधी की हत्या के बाद भी उन्होंने इसे जारी रखा... उन्होंने मनरेगा योजना का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी कर दिया और संसद में इसके बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। वे जिस राम की बात कर रहे हैं वह दशरथ के राम नहीं, बल्कि भाजपा के राम हैं।’’
अपने भाषण में उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा कि महात्मा गांधी की विरासत को इतिहास से मिटाया नहीं जा सकता है और कहा कि ‘भाजपा समेत कोई भी स्थायी नहीं है।’
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा कि पार्टी पांच जनवरी से मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ एक नई लड़ाई शुरू कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यहां तक कि भाजपा शासित राज्य भी केंद्र और राज्यों के बीच क्रमशः 60 और 40 के अनुपात में लागत साझा करने वाली नई ‘वीबी-जी राम जी’ योजना को लागू करने के लिए संघर्ष करेंगे।
अगले दो से तीन महीनों में आगामी जिला और तालुक पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने पार्टी नेताओं से तैयारी शुरू करने का आग्रह किया।
भाषा
संतोष