वीबी-जी राम जी: शिवराज ने कांग्रेस पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया
देवेंद्र पारुल
- 27 Dec 2025, 11:00 PM
- Updated: 11:00 PM
नयी दिल्ली, 27 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कांग्रेस पर ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम के तहत श्रमिकों की सुरक्षा, ग्रामीण रोजगार और ग्राम पंचायतों की शक्तियों के बारे में गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्षी दल के आरोपों को बेबुनियाद और भ्रामक करार दिया।
कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के विषय पर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति के तहत आगामी पांच जनवरी से देशव्यापी स्तर पर ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करने का फैसला किया है।
शिवराज ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल का विरोध ‘‘राजनीतिक’’ है और दावा किया कि सरकार ने मांग आधारित रोजगार योजना को कमजोर नहीं किया है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, शिवराज ने कहा, ‘‘ग्रामीण रोजगार, ग्राम पंचायतों की शक्तियों और श्रमिकों की सुरक्षा के संबंध में कांग्रेस और विपक्ष की ओर से फैलाई जा रही भ्रामक एवं गलत सूचनाएं पूरी तरह से बेबुनियाद और भ्रामक हैं।’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण भारत और श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करने के बजाय मजबूत किया है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान मनरेगा योजना भ्रष्टाचार में डूबी हुई थी, जबकि नया अधिनियम पूरी पारदर्शिता के साथ श्रमिकों के लिए वास्तविक और ठोस फायदे सुनिश्चित करेगा।
शिवराज ने कहा कि कांग्रेस सरकार की न तो सही मंशा थी और न ही कोई स्पष्ट नीति।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने ‘‘राजनीतिक फायदे’’ के लिए महात्मा गांधी का नाम इस योजना से जोड़ा, मनरेगा बजट में बार-बार कटौती की, मजदूरी रोक दी और अब श्रमिकों के लिए ‘‘मगरमच्छ के आंसू’’ बहा रही है।
शिवराज ने दावा किया कि मांग आधारित रोजगार योजना को कमजोर नहीं किया गया है, बल्कि इसे और मजबूत किया गया है।
मंत्री ने कहा कि जब भी कोई ग्रामीण परिवार काम की मांग करता है, तो सरकार कानूनी रूप से एक निर्धारित समय सीमा के भीतर रोजगार प्रदान करने के लिए बाध्य है और अगर वह ऐसा करने में विफल रहती है, तो बेरोजगारी भत्ता के लिए एक स्पष्ट और अनिवार्य प्रावधान है।
शिवराज के मुताबिक, अगर काम के लिए मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं किया जाता है, तो मुआवजे का भी प्रावधान है।
उन्होंने कहा, ‘‘125 दिन की गारंटी, बेरोजगारी भत्ता और विलंबित भुगतान के लिए मुआवजा, ये सभी मिलकर श्रमिकों के अधिकारों को पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत बनाते हैं।’’
ग्राम सभाओं और ग्राम पंचायतों की शक्तियों को कम किए जाने के आरोपों का जवाब देते हुए शिवराज ने कहा कि ऐसे दावे पूरी तरह से निराधार हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा में लोगों और गांव की जरूरतों के आधार पर कार्यों की पहचान और प्राथमिकता तय की जाएगी।
शिवराज ने कहा कि गुणवत्ता की निगरानी और प्रगति की नियमित समीक्षा स्थानीय स्तर पर होगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण समुदाय की भागीदारी को विशेष रूप से बढ़ाया गया है।
शिवराज ने कहा कि शिकायत निवारण और जवाबदेही तंत्र को मजबूत बनाया गया है और डिजिटल निगरानी शुरू करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि निर्णय ऊपर से थोपे नहीं जाएंगे; बल्कि ये गांवों और ग्राम सभाओं के माध्यम से लिए जाएंगे।
श्रमिकों के अधिकारों के बारे में मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रमिकों के लिए गरिमा, सुरक्षा और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘वीबी-जी राम जी अधिनियम के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि श्रमिकों को अपने गांवों में समय पर काम उपलब्ध हो, मजदूरी सम्मानजनक हो, काम करने की स्थितियां सुरक्षित हों और मजदूरी का भुगतान समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जाए।’’
शिवराज ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि महात्मा गांधी के नाम और आदर्शों को मिटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये दावे पूरी तरह से राजनीतिक और निराधार हैं।
शिवराज ने कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम महात्मा गांधी की ‘‘ग्राम स्वराज’’ की अवधारणा को व्यवहार में लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जहां गांवों को सशक्त बनाया जाता है और श्रमिकों का सम्मान किया जाता है।
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