लखनऊ में ‘पुलिस मंथन 2025’ की शुरुआत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया गया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’
आनन्द जितेंद्र
- 27 Dec 2025, 04:48 PM
- Updated: 04:48 PM
लखनऊ, 27 दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यहां पुलिस मुख्यालय में दो दिवसीय ‘पुलिस मंथन 2025’ की शुरुआत की और इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में ‘पुलिस मंथन 2025’ की शुरुआत- सुरक्षा, रणनीति और सुशासन का संकल्प।’’
पुलिस ने एक अन्य पोस्ट में बताया, ‘‘पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित ‘पुलिस मंथन 2025’ के अवसर पर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुभ आगमन पर उन्हें परंपरागत गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।’’
पुलिस के मुताबिक, ‘‘कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण और अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पीएसी रामकृष्ण स्वर्णकार ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।’’
उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 27 और 28 दिसंबर को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का यह दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया है जिसमें साइबर अपराध, मानव तस्करी, सोशल मीडिया से जुड़े मुद्दों सहित कानून-व्यवस्था से संबंधित विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस सम्मेलन का उद्देश्य जन-केंद्रित पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ करना, प्रौद्योगिकी आधारित आधुनिक पुलिस प्रणाली विकसित करना तथा अपराध और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।’’
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों दिन सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ‘पुलिस मंथन-2025’ के पहले दिन कई विषयगत सत्र आयोजित किए गए, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष बीट पुलिसिंग, सर्वोत्तम पद्धतियों और प्रौद्योगिकी आधारित योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। बीट पुलिसिंग सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ‘बिग डेटा एनालिटिक्स’ का उपयोग कर विकसित ‘यक्ष’ ऐप की शुरुआत की।
अधिकारियों ने बताया कि यह ऐप बीट बुक का डिजिटल संस्करण है और इसमें अपराधों, अपराधियों और संवेदनशील क्षेत्रों से संबंधित व्यापक डेटा उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि इस ऐप का उद्देश्य बीट कर्मियों के दैनिक कार्य को सरल और सुव्यवस्थित बनाना, साथ ही थानावार अपराधी डेटाबेस, बीट-स्तरीय सत्यापन, एआई-आधारित संदिग्ध पहचान, वॉयस सर्च, गिरोह-संबंध विश्लेषण और गतिविधि अलर्ट जैसी सुविधाओं के माध्यम से निवारक पुलिसिंग को मजबूत करना है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि महिलाओं से जुड़े अपराधों, बाल संरक्षण और मानव तस्करी पर भी चर्चा हुई।
अपर पुलिस महानिदेशक (महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन) पद्मजा चौहान ने मिशन शक्ति केंद्रों, जागरूकता कार्यक्रमों, पारिवारिक विवाद समाधान क्लीनिकों और बलात्कार मामलों में कानून प्रवर्तन सहित प्रमुख योजनाओं, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर एक प्रस्तुति दी।
एक अन्य अधिकारी ने ‘स्मार्ट एसएचओ डैशबोर्ड’ प्रस्तुत किया, जो थाना प्रभारियों को एक ही मंच पर शिकायतों, अपराधों और कर्मचारियों के प्रदर्शन की निगरानी करने की सुविधा देगा।
अधिकारियों ने बताया कि डैशबोर्ड से शिकायत निवारण में तेजी आने, लंबित मामलों में कमी आने, पुलिस कर्मियों की जवाबदेही बढ़ने और यातायात प्रबंधन एवं अपराध निगरानी अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।
भाषा आनन्द