मप्र की भौगोलिक स्थिति आकर्षक और भूमि उपजाऊ, निवेशक रुपये बोकर करोड़ों कमा सकते हैं: शाह
दिमो ब्रजेन्द्र खारी
- 25 Dec 2025, 04:42 PM
- Updated: 04:42 PM
ग्वालियर (मध्यप्रदेश), 25 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि हर जगह बीज बोकर फसल उगाई जाती है लेकिन मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इतनी आकर्षक और यहां की भूमि इतनी उपजाऊ है कि निवेशक ‘‘यहां रुपये बोकर’’ करोड़ों कमा सकते हैं।
शाह यहां के मेला मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ के उद्घाटन और दो लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई नेता उपस्थित थे।
निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘हर जगह बीज बोकर फसल उगाई जाती है, लेकिन मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थित इतनी आकर्षक है कि यहां रुपया बोकर आप करोड़ों रुपये कमा सकते हैं। इतनी उपजाऊ हमारे मध्यप्रदेश की भूमि है।’’
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने यह शुरुआत की है और कम से कम उन्हें यह विश्वास है कि इसके बहुत अच्छा परिणाम सामने आएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि जब कोई राज्य क्षेत्रीय संतुलन से विकास करता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा जनता और निवेशकों को होता है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब क्षेत्रीय विशेषता वाले उद्योग विकसित होते हैं तो वह टिकाऊ और सफल भी होते हैं। यह नया विचार मध्यप्रदेश के लिए शुभ हो। जिन लोगों ने निवेश किया है, उनको भी बहुत शुभकामनाएं।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान वहां आयोजित किए गए निवेशक सम्मेलन ‘वाइब्रेंट गुजरात’ का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि उन्होंने राज्य की राजधानी में ऐसे आयोजनों की एक व्यवस्थित और वैज्ञानिक शुरुआत की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे राज्य में निवेश आता था। यह बहुत अच्छा प्रयास था और सफल भी हुआ। मगर मोहन यादव ने एक नयी शुरुआत की है-राज्य के संतुलित विकास के लिए क्षेत्रीय निवेश सम्मेलन। इस शुरुआत से सभी राज्यों में आने वाले दिनों में राज्य के संतुलित विकास के लिए बेहद फायदा होगा।’’
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता इसकी भौगोलिक स्थिति है और इस वजह से परिवहन का खर्च कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि इसका शत प्रतिशत दोहन तभी हो सकता है जब मध्यप्रदेश के चारों ओर उद्योग लगे।
शाह ने कहा कि इसी के मद्देनजर इंदौर में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाया जा रहा है और यह देशभर की कंपनियों को अपने गोदाम व ‘हब’ स्थापित करने के लिए प्रेरित कर रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश को विकास का रास्ता दिखाने का काम हमारी ही पार्टी ने किया है क्योंकि एक जमाने में जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में यहां कांग्रेस का शासन था तब यह राज्य ‘बीमारू’ प्रदेशों की श्रेणी में था।’’
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश को ‘बीमारू’ प्रदेश की श्रेणी से हटाने का काम किया।
उन्होंने कहा, ‘‘अब मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान से भी ज्यादा ऊर्जा के साथ इसे आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। इससे मध्यप्रदेश अब निश्चित रूप से विकसित राज्य बनेगा।’’
शाह ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश कभी बहुत पीछे था लेकिन आज यह अधिशेष बिजली उत्पादन कर रहा है और स्वच्छता के मामले में इसने पूरे देश को पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सहित कई अन्य क्षेत्रों में उद्योग लगे हैं और स्टार्टअप के मामले में भी बहुत आगे है।
उन्होंने कहा, ‘‘लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप हमारी महिलाएं व बच्चियां संचालित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश ने एक प्रकार से 4.57 लाख नयी एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) इकाइयां सिर्फ एक साल में पंजीकृत करने का पूरे भारत में रिकॉर्ड बनाया है। मध्यम और लघु और कुटीर उद्योग में भी मध्यप्रदेश पूरे भारत का ‘हब’ बनने जा रहा है। अब स्टार्टअप और नवोन्मेष से इसको नई ऊंचाई मिलने वाली है।’’
शाह ने कहा कि कपड़ा और पर्यटन उद्योग के लिए मध्यप्रदेश में अनुकूल संरचना तैयार हो रही है और व्यापार सुगमता में भी यहां बहुत अच्छा काम हुआ है।
उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कई नए क्षेत्रों में ऐसी मजबूत नींव रखी जा रही है, जिससे भारत आने वाले समय में ‘ग्लोबल लीडर’ बनेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर को पार कर चुका है। हमने सेमीकंडक्टर उद्योग में भी धमाकेदार ‘एंट्री’ की है। इस क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर भी बनेंगे और इसका निर्यात भी करेंगे।’’
शाह ने कहा कि डिजिटल लेनदेन और वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी भारत ने बहुत बड़ी छलांग लगाई है और वर्ष 2024–25 में विश्वभर के 46 प्रतिशत डिजिटल लेनदेन भारत में हुए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे गुजरात में एक कहावत है - एक ओर गाम, दूसरी ओर राम। उसी तरह एक ओर पूरी दुनिया के डिजिटल लेनदेन हैं, और दूसरी ओर अकेले भारत का डिजिटल लेनदेन है।’’
उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती व सी राजगोपालाचारी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
एक अधिकारी ने बताया कि शाह ने जिन दो लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया, वे उद्योग, ऊर्जा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र की हैं और इससे करीब 1.93 लाख रोजगार सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में 25 हजार लाभार्थी और हजारों उद्यमी एवं निवेशक भाग ले रहे हैं।
भाषा दिमो ब्रजेन्द्र