मानवता, देश के लिए सिख गुरुओं के बलिदान की बराबरी पूरी दुनिया में कोई नहीं कर सकता: अमित शाह
आशीष पारुल
- 24 Dec 2025, 11:53 PM
- Updated: 11:53 PM
पंचकूला, 24 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिख गुरुओं की ओर से मानवता के लिए दिए गए बलिदान को बुधवार को याद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश और दुनिया के सामने सिख गुरु परंपरा को रेखांकित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
शाह वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित 'साहिबजादों को नमन' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में साहिबजादों के जीवन और बलिदान पर एक प्रदर्शनी, एक रेत कला शो और एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया।
अपने संबोधन के दौरान शाह ने दसवें सिख गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान के बारे में बात की और कहा कि मोदी सरकार ने 2022 में 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से स्कूलों में साहिबजादों के जीवन के बारे में पढ़ाया जाता है और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
शाह ने कहा कि सभी राज्य, चाहे वे किसी भी पार्टी द्वारा शासित हों, इस दिन को मनाते रहे हैं।
गृह मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के दौरान, गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ, गुरु नानक देव का 550वां प्रकाश पर्व, गुरु तेग बहादुर का 400वां प्रकाश पर्व और गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व पड़ा।"
उन्होंने कहा, ''मोदी सरकार ने सिख गुरु परंपरा को देश और दुनिया के सामने रेखांकित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।''
शाह ने सिख समुदाय के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों का उल्लेख किया।
उन्होंने 1947 में विभाजन के दौरान करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के पाकिस्तान में रह जाने पर दुख व्यक्त किया।
शाह ने कहा, "कई बार मेरे मन में यह सवाल उठता है कि बंटवारे के वक्त इस बात पर चर्चा हुई होगी कि भारत में क्या होगा और पाकिस्तान में क्या। करतारपुर साहिब गुरुद्वारे को वहां क्यों छोड़ा गया? मुझे यह समझ नहीं आता। हो सकता है कि जिन्हें बंटवारे के बारे में फैसला करना था, उन्हें इस परंपरा के बारे में पता नहीं था।"
अपने संबोधन के दौरान, शाह ने गुरु नानक देव से लेकर गुरु गोबिंद सिंह तक दस सिख गुरुओं और मानवता और धर्म के लिए उनकी शिक्षाओं और बलिदानों के बारे में विस्तार से बात की।
उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने जिस साहस और वीरता के साथ अन्याय का मुकाबला किया, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
शाह ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देने में भी संकोच नहीं किया।
गृह मंत्री ने कहा कि मानवता और देश के लिए सिख गुरुओं द्वारा दिए गए बलिदान की बराबरी पूरी दुनिया में कोई नहीं कर सकता।
भाषा आशीष