कर्नाटक शहरी निकाय चुनाव : भाजपा ने चार नगर पंचायतों में जीत दर्ज की
धीरज माधव
- 24 Dec 2025, 10:21 PM
- Updated: 10:21 PM
बेंगलुरु, 24 दिसंबर (भाषा) कर्नाटक में चार नगर पंचायतों के लिए हुए आम चुनावों के बुधवार को आए नतीजे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने जीत दर्ज की है। पार्टी ने इसे राज्य में कांग्रेस सरकार की ‘‘विफलताओं और कुशासन’’ की स्पष्ट अस्वीकृति बताया।
भाजपा ने बेंगलुरु ग्रामीण जिले में नगर परिषद और रायचूर जिले में एक नगर पंचायत में एक-एक वार्ड पर हुए उपचुनावों में भी जीत हासिल की है।
चुनाव 21 दिसंबर को हुए थे।
राज्य चुनाव आयोग की विज्ञप्ति के मुताबिक भाजपा ने बशेट्टीहल्ली (बेंगलुरु ग्रामीण जिला), बाजपे (दक्षिण कन्नड़), किन्निगोली (दक्षिण कन्नड़), और मानकी (उत्तरकन्नड़) नगर पंचायतों के कुल 76 वार्ड में से 47 पर जीत दर्ज की।
विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने केवल 23 वार्ड में जीत दर्ज की थी जबकि जनता दल सेक्युलर ने एक, एसडीपीआई ने तीन और अन्य ने दो वार्ड पर जीत दर्ज की है।
भाजपा ने डोड्डाबल्लापुरा नगर परिषद (बेंगलुरु ग्रामीण) और तुरविहाला नगर पंचायत (रायचूर) के लिए हुए उपचुनाव में भी जीत हासिल की।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी एल संतोष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देश भर में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का सिलसिला जारी है। आज कांग्रेस शासित कर्नाटक में मतपत्र के जरिए चुनाव हो रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राज्य अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र के नेतृत्व में भाजपा टीम ने कर्नाटक में सभी पांच नगर पंचायतों (वास्तव में 4) और दो वार्ड उपचुनावों में शानदार जीत हासिल की है।’’
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने कहा कि इन परिणामों के माध्यम से कर्नाटक की जनता ने विकास, स्थिरता और सिद्धांतवादी शासन को चुनकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना में एक बार फिर अपना विश्वास जताया है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘भटकल, मूडबिद्रे और डोड्डाबल्लापुरा विधानसभा क्षेत्रों में बाजपे, किन्निगोली, मानकी और बाशेट्टीहल्ली में हुए चार शहरी स्थानीय निकाय (नगर पंचायत) चुनावों में भाजपा की शानदार जीत, साथ ही डोड्डाबल्लापुरा और तुरविहाला में हुए दो वार्ड उपचुनावों में मिली जीत, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की विफलताओं और कुशासन के प्रति जनता की स्पष्ट अस्वीकृति को दर्शाती है।’’
भाषा धीरज