असम के हिंसा प्रभावित वेस्ट कार्बी आंगलोंग में सेना ने फ्लैग मार्च किया
आशीष पारुल
- 24 Dec 2025, 11:19 PM
- Updated: 11:19 PM
दीफू (असम), 24 दिसंबर (भाषा) असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरमीत सिंह ने बुधवार को कहा कि सेना ने हिंसा प्रभावित वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिले में फ्लैग मार्च किया।
रक्षा विभाग के जन संपर्क अधिकारी (पीआरओ) लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा कि अशांत क्षेत्रों में शांति बनाए रखने में मदद के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने भारतीय सेना को बुलाने की मांग की।
वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिले के खेरोनी में पिछले दो दिनों के दौरान कार्बी समुदाय और बिहार वासियों के बीच हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक पुलिस कर्मियों सहित कम से कम 70 लोग घायल हो गए।
खेरोनी इलाके में संवाददाताओं से बातचीत में सिंह ने कहा कि हिंसा में 60 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हिंसा से सबसे ज्यादा खेरोनी इलाका प्रभावित हुआ है।
डीजीपी ने कहा, “सेना की टुकड़ियां यहां पहुंच गई हैं और उन्होंने इन इलाकों में मार्च किया है। हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं। मैंने भी सभी क्षेत्रों का जायजा लिया है।”
उन्होंने बताया कि पुलिस पिछले दो दिन में हुई हिंसा की जांच कर रही है।
सिंह सोमवार रात से ही घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं।
रक्षा विभाग के पीआरओ रावत ने कहा, “कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने भारतीय सेना को बुलाने की मांग की। इसलिए वेस्ट कार्बी आंगलोंग के अशांत क्षेत्रों में सेना की एक टुकड़ी तैनात की गई है।”
उन्होंने बताया कि सेना की एक टुकड़ी में आमतौर पर 60-80 जवान होते हैं।
डीजीपी सिंह ने कहा कि पुलिस हिंसा और आगजनी में शामिल दोषियों को पकड़ेगी, लेकिन पहली प्राथमिकता हालात को स्थिर करना है।
उन्होंने कहा, “अब तक 60 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और उनमें से कुछ की हालत गंभीर है। छह-सात एंबुलेंस थीं, जो पुलिस को होजाई में स्वास्थ्य केंद्रों तक ले गईं।”
मंगलवार को पथराव में सिंह के कंधे पर चोट लग गई, जबकि महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) अखिलेश कुमार सिंह के पैर में चोटें आईं।
डीजीपी ने कहा, “आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारे पास बहुत सारे वीडियो फुटेज हैं और लोगों की पहचान की जा रही है। कानून अपना काम करेगा।”
सिंह ने लोगों से हिंसा में शामिल न होने की अपील की और समुदाय के बुजुर्गों से “गुमराह” युवाओं को यह समझाने के लिए कहा कि समस्याओं को केवल बातचीत के जरिये हल किया जा सकता है।
डीजीपी ने कहा कि समाज में सभी को शांतिपूर्वक स्थिति को संभालने के लिए एक साथ आना चाहिए।
उन्होंने कहा, “कल एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। जिस भीड़ ने तोड़फोड़ की और प्रशासन के अधिकारियों पर हमला किया, उसने अपने एक सदस्य को भी खो दिया। भीड़ ने बाजार में आग लगा दी, जिससे एक दिव्यांग व्यक्ति की मौत हो गई। संभवत: वह बाहर नहीं निकल सका।”
सिंह ने कहा कि भीड़ ने पास की एक गैस एजेंसी से सिलेंडर निकाल लिए और उनमें आग लगा दी।
कार्बी समुदाय के आंदोलनकारी पिछले 15 दिनों से आदिवासी इलाकों में ग्राम चरागाह आरक्षित क्षेत्र (वीजीआर) और व्यावसायिक चरागाह आरक्षित क्षेत्र (पीजीआर) भूमि से कथित अवैध निवासियों, जो ज्यादातर बिहार से हैं, को बेदखल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे।
सोमवार को जब पुलिस तीन आंदोलनकारियों को तड़के विरोध स्थल से ले गई, तो वे उग्र हो गए। प्रशासन ने बाद में दावा किया कि इन आंदोलनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए यह कदम उठाया गया।
वहीं, गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक देवजीत चौधरी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस गोलीबारी में घायल हुए तीन कार्बी युवाओं का इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर है।
भाषा आशीष