पंजाब और दिल्ली में 'आप' की सरकार गिराना चाहती थी भाजपा: अरविंद केजरीवाल
जोहेब सुरेश
- 12 May 2024, 09:45 PM
- Updated: 09:45 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दावा किया कि धनशोधन मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब और दिल्ली में 'आप' की सरकार को गिराना चाहती थी, लेकिन उसकी योजना कामयाब नहीं हो पाई।
केजरीवाल ने यहां अपने आवास पर पार्टी के विधायकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मेरी गिरफ्तारी के बाद 'आप' और अधिक एकजुट हो गई है।’’
उन्होंने कहा, ''मेरी गिरफ्तारी से पहले भाजपा के लोग कहते थे कि वे पार्टी तोड़ देंगे और दिल्ली तथा पंजाब में हमारी सरकार गिरा देंगे।''
शुक्रवार को अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद केजरीवाल की पार्टी विधायकों के साथ यह पहली बैठक थी।
कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
विधायकों ने केजरीवाल को पिछले डेढ़ महीने के घटनाक्रम की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता केजरीवाल, आप के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) संदीप पाठक, सांसद संजय सिंह, मंत्री गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, आतिशी, कैलाश गहलोत, दिल्ली में पार्टी के लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार और सभी विधायक उपस्थित थे।
अपनी पार्टी के सहयोगियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा उन्हें एक जून तक के लिए अंतरिम जमानत देना ''किसी चमत्कार से कम नहीं है।''
उन्होंने कहा, "पिछले डेढ़ महीने में जो घटनाएं हुई हैं, उससे मुझे लगता है कि भगवान हमसे कुछ कराने की कोशिश कर रहे हैं। जो कुछ भी हो रहा है, हम तो सिर्फ साधन हैं, भगवान सब कुछ कर रहे हैं।"
केजरीवाल ने याद करते हुए बताया कि तिहाड़ जेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, भारद्वाज और आतिशी से मुलाकात के दौरान उन्होंने पूछा था कि दिल्ली में पूरा सिस्टम काम कर रहा है या नहीं।
केजरीवाल की अनुपस्थिति में, दिल्ली के मंत्री राज कुमार आनंद ने ‘आप’ पर "दलित विरोधी होने" का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था।
मंत्री पद से उनका इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है।
इस बीच, आनंद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो गए हैं और नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
केजरीवाल ने कहा, “मेरी एकमात्र चिंता यह थी कि अगर मेरे जेल जाने के कारण दिल्ली में काम बंद हो गया, अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति, बिजली, पानी बाधित हो गई, तो उन्हें (भाजपा को) इसका दोष हम पर मढ़ने का मौका मिल जाएगा। चुनाव में हम किसी तरह हार जाएंगे, लेकिन आप सभी ने बहुत अच्छा काम किया।''
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की योजना दिल्ली और पंजाब में आप सरकार को गिराने की थी।
केजरीवाल ने कहा, “मेरी गिरफ़्तारी से पहले जब भाजपा के लोग मुझसे मिलते थे, तो वे मुझसे कहते थे कि वे मुझे गिरफ्तार करवा देंगे और उसके बाद, वे हमारी पार्टी को तोड़कर दिल्ली में सरकार गिरा देंगे।”
उन्होंने कहा, "फिर पंजाब में, वे किसी भी तरह से हमारे विधायकों को खरीद लेंगे और भगवंत मान को अपने साथ ले जाएंगे। और मुझे नहीं पता कि उन्होंने किस तरह की कहानियां बुनी थीं, लेकिन इसके ठीक विपरीत हुआ।"
केजरीवाल ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के बाद पार्टी टूटने के बजाय और अधिक एकजुट हो गई।
उन्होंने कहा, ''न तो वे हमारी सरकार को गिरा सकते हैं, न ही वे हमारे विधायकों को तोड़ सकते हैं, न ही वे हमारी पंजाब सरकार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनकी पूरी योजना विफल रही।''
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, देश में राजनीतिक विमर्श भाजपा के खिलाफ हो गया है।
केजरीवाल ने कहा, "इसके लिए आप लोग बधाई के पात्र हैं। मुझे पता चला कि इन लोगों ने आपमें से कई लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, विभिन्न तरीकों से प्रलोभन और धमकी देकर आपको तोड़ने की कोशिश की.... यह हमारी पार्टी है, जो 12 साल से मजबूत हो रही है और कोई इसे नहीं छोड़ रहा है।'”
केजरीवाल ने दावा किया कि भाजपा ने हर कोशिश की, लेकिन ईडी की धमकी भी काम नहीं आई।
उन्होंने आप विधायकों से कहा कि उनके जेल वापस जाने के बाद वे पार्टी को सुरक्षित रखें।
केजरीवाल ने कहा, ''मुझे लगता है कि केवल आम आदमी पार्टी ही इस देश का भविष्य संवार सकती है। देश की जनता बाकी सभी पार्टियों को आजमा चुकी है और आज देश की यह हालत है।''
उन्होंने कहा, "हमारे काम की चर्चा हो रही है। आने वाले समय में आम आदमी पार्टी को ही देश की कमान संभालनी होगी। आम आदमी पार्टी ही देश को भविष्य तय करेगी और इसीलिए वे डरे हुए हैं। यदि आप इतनी तेजी से आगे बढ़ेंगे तो आपको कुछ परेशानी का सामना करना पड़ेगा।”
भाषा जोहेब