योगी के बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार, बोले: मर्यादा की सीमा न लांघें
राजकुमार
- 22 Dec 2025, 11:55 PM
- Updated: 11:55 PM
लखनऊ, 22 दिसंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को विधानसभा में दिए वक्तव्य को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए कहा कि वह मर्यादा की सीमा न लांघें।
उधर, सपा नेता अतुल प्रधान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कोडीन मामले पर मुख्यमंत्री के बयान को लेकर सपा सदस्यों ने विधानसभा से बहिर्गमन भी किया।
सपा प्रमुख यादव ने ''एक्स'' पर विधानसभा में योगी आदित्यनाथ द्वारा सोमवार को दिये गये एक वक्तव्य का पोस्टर साझा करते हुए लिखा,‘‘किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई यहां तक पहुंच जाएगी। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग आपस में कुछ तो लोक-लाज रखें और मर्यादा की सीमा न लांघें।’’
यादव ने सत्तारूढ़ दल भाजपा पर सीधा प्रहार करते हुए करते हुए कहा, ''भाजपाई अपनी पार्टी की अंदरूनी खींचतान को चौराहे पर न लाएं, कहीं कोई बुरा मान गया तो वापस जाना पड़ेगा।''
योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सोमवार को प्रश्नकाल में कोडीन कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार को लेकर विपक्षी सदस्यों द्वारा पूछे गये गये प्रश्न के उत्तर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर संकेतों में निशाना साधते हुए कहा, ''देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली और एक लखनऊ में बैठते हैं तथा जब चर्चा शुरू होती तो वे देश छोड़कर भाग जाते हैं।''
उन्होंने सपा प्रमुख के साथ एक कोडीन कारोबारी की तस्वीर सामने आने का जिक्र बिना नाम लिए किया और विपक्षी सदस्यों की ओर संकेत करते हुए कहा, ''मुझे लगता है कि यही आपके बबुआ (अखिलेश यादव) के साथ हो रहा होगा, वह भी इंग्लैंड के सैर-सपाटे पर जाएंगे और आप लोग यहां चिल्लाते रहेंगे।''
अपनी राजनीतिक रैलियों में, आदित्यनाथ कई बार समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को 'बबुआ' कहकर निशाना बनाते हैं।
विपक्ष के हंगामे पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘ मैं आपका दर्द समझता हूं। जब समाजवादी पार्टी से जुड़े आरोपियों पर कार्रवाई होगी तो सपा के लोग ही सबसे पहले फातिहा पढ़ने जाएंगे। हम आपको ऐसी हालत में भी नहीं छोड़ेंगे कि आप 'फातिहा' पढ़ सकें। "
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदन के नेता के वक्तव्य पर आपत्ति करते हुए कहा कि सदन के सम्मानित नेता की वाणी देखिए, आपने कहा कि दो नमूने हैं- एक अखिलेश और दूसरा राहुल गांधी।”
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा,‘‘ नेता सदन ने किसी का नाम नहीं लिया है, आप क्यों खुद पर ले रहे हैं।’’ यह सुनते ही सपा विधायक हंगामा करने लगे।
सपा सदस्य अतुल प्रधान ने कहा कि सरकार के रवैये को लेकर सपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
भाषा आनन्द