आईजीएमसी-शिमला में चिकित्सक ने मरीज पर हमला किया, वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित
शुभम सुभाष
- 22 Dec 2025, 11:35 PM
- Updated: 11:35 PM
शिमला, 22 दिसंबर (भाषा) शिमला के एक प्रमुख अस्पताल में सोमवार को बहस के बाद एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने एक मरीज पर कथित तौर पर हमला कर दिया और उसे कई घूंसे मारे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और पीड़ित के परिजनों ने चिकित्सक को उनके हवाले करने की मांग की।
लोगों का आक्रोश बढ़ने पर इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों के बाद घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सक (संविदा कर्मचारी) राघव नरूला को जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया है, जबकि पीड़ित परिवार ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
वार्ड में मौजूद एक व्यक्ति द्वारा बनाए गए वीडियो में चिकित्सक बिस्तर पर लेटे मरीज अर्जुन सिंह के चेहरे पर घूंसे मारता हुआ दिखायी दे रहा है। मरीज प्रतिरोध करता नजर आ रहा है, जबकि दो अन्य व्यक्ति दोनों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। शिमला के कुपवी निवासी सिंह को इस घटना में नाक पर चोट आई है।
पीड़ित के परिजनों और मित्रों सहित सैकड़ों लोगों व अन्य मरीजों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और चिकित्सक की गिरफ्तारी की मांग की, जिसके बाद तनाव बढ़ गया।
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में घुसकर चिकित्सक के कमरे में जाने की कोशिश की और अस्पताल अधिकारियों से चिकित्सक को उनके हवाले करने की मांग की। हालांकि, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।
बाद में मीडियाकर्मियों को सिंह ने बताया कि उन्हें फेफड़ों से संबंधित समस्या है और वह ब्रोंकोस्कोपी कराने के लिए अस्पताल गए थे। उन्होंने बताया कि जांच के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई।
सिंह ने दावा किया कि इसके बाद वे पल्मोनरी मेडिसिन वार्ड में गए और आराम करने के लिए एक खाली बिस्तर पर लेट गए। हालांकि, कुछ मिनट बाद दो चिकित्सक उनके पास आए और उनके साथ दुर्व्यवहार करने लगे, जिसके बाद उन्होंने उनसे सम्मानजनक व्यवहार करने का आग्रह किया।
सिंह ने दावा किया कि इससे नाराज होकर चिकित्सक ने उनपर हमला कर दिया।
इसी बीच, सिरमौर के पौंटा साहिब के चिकित्सक राघव नरूला ने आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि मरीज ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था, जिसके कारण यह घटना हुई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने स्वास्थ्य सचिव, प्राचार्य और आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक को मामले की जांच करने का निर्देश दिया और उनसे विस्तृत जानकारी मांगी।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक संविदा कर्मचारी है। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और एक अनुशासनात्मक समिति का गठन किया गया है।
आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक राव ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद उच्च अधिकारियों ने उक्त चिकित्सक को अगले आदेश तक निलंबित रखने का आदेश दिया है।
भाषा
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