सितंबर 2025 तक इंतजार की कोई जरूरत नहीं, चुनाव परिणाम के बाद मोदी नहीं रहेंगे प्रधानमंत्री: थरूर
सिम्मी सुरेश
- 12 May 2024, 08:54 PM
- Updated: 08:54 PM
मुंबई, 12 मई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार को कहा कि देश को सितंबर 2025 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद सत्ता में नहीं रहेंगे।
थरूर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने एक दिन पहले कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लिए वोट मांग रहे हैं। केजरीवाल ने दावा किया था कि सितंबर 2025 में मोदी के 75 वर्ष के होने पर ‘‘सेवानिवृत्त’’ होने के बाद अमित शाह उनके (मोदी के) उत्तराधिकारी होंगे।
थरूर ने केजरीवाल की टिप्पणी से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘केंद्र में जून में नयी सरकार सत्ता में आएगी। सितंबर 2025 तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है।’’
तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान आरोप लगाया कि मोदी ने सार्वजनिक विमर्श का स्तर गिरा दिया है और वह जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं वह देश के लिए अच्छी नहीं है।
उन्होंने इस साल की शुरुआत में अयोध्या स्थित भगवान राम के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण अस्वीकार करने के कांग्रेस के फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि भगवान राम पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘कॉपीराइट’ नहीं है।
थरूर ने कहा, ‘‘मैं मंदिर पूजा करने के लिए जाता हूं, राजनीति करने के लिए नहीं। वे अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का दुरुपयोग राजनीति के लिए कर रहे हैं। क्या मुझे भगवान राम को भाजपा के हवाले कर देना चाहिए?’’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भाजपा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय दोगुनी करने में विफलता और 80 प्रतिशत आबादी की आय में गिरावट जैसे मुद्दों पर ठोस बातचीत करने में विफल रही है।
मोदी की ‘‘सेवानिवृत्ति की आयु’’ संबंधी केजरीवाल की टिप्पणी से जुड़े एक सवाल के जवाब में थरूर ने कहा, ‘‘क्या भाजपा एक व्यक्ति को छूट देगी? खैर, हमें सितंबर 2025 तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। मोदी जून 2024 (जब लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होंगे) के बाद प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।’’
जब थरूर से पूछा गया कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र से लोकसभा चुनाव में एक भी मुस्लिम को उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया, तो उन्होंने ‘‘गठबंधन की राजनीति की मजबूरियों’’ का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘गठबंधन की राजनीति में पार्टी को अपेक्षाकृत कम सीट पर चुनाव लड़ना पड़ता है।’’
कांग्रेस महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के साथ महा विकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन का हिस्सा है।
थरूर ने दावा किया कि भाजपा ने सरकार में मुसलमानों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी मुस्लिम नेता जो (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी) वाजपेयी के कार्यकाल में (सत्ता का) हिस्सा थे, उन्हें (प्रधानमंत्री के रूप में) मोदी के पहले कार्यकाल के बाद चरणबद्ध तरीके से हटा दिया गया।’’
थरूर ने कहा, ‘‘सहयोगी दल हमारे साथ खड़े हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के उलट हमारे बीच आपसी सम्मान है, जबकि अकाली दल और बीजद (बीजू जनता दल) ने भाजपा को छोड़ दिया है।’’
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों- अटल बिहारी वाजपेई और मनमोहन सिंह ने गठबंधन सरकारें बेहतरीन ढंग से चलाईं।
उन्होंने दावा किया कि मोदी लोकतंत्र की संसदीय प्रणाली को राष्ट्रपति शासन की शैली में चलाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘तीन चरण के मतदान के बाद हवा के रुख में बदलाव दिख रहा है।’’
थरूर ने कांग्रेस प्रत्याशियों वर्षा गायकवाड़ और भूषण पाटिल के लिए प्रचार किया, जो क्रमशः मुंबई उत्तर मध्य और मुंबई उत्तर सीट से भाजपा के उज्ज्वल निकम और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के खिलाफ मैदान में हैं।
मुंबई की सभी छह संसदीय सीट पर 20 मई को मतदान होना है।
थरूर ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि कांग्रेस के पक्ष में अच्छे नतीजे आएंगे।’’
भाषा सिम्मी