केसीआर अपनी पार्टी को बचाने के लिए राजनीतिक गतिविधि में लौटे हैं: तेलंगाना के मंत्री कृष्ण राव
राजकुमार माधव
- 22 Dec 2025, 09:10 PM
- Updated: 09:10 PM
हैदराबाद, 22 दिसंबर (भाषा) तेलंगाना के पर्यटन मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने सोमवार को कहा कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव (केसीआर) केवल अपनी पार्टी को बचाने के लिए लगभग दो साल बाद राजनीतिक गतिविधि में लौट आए हैं।
केसीआर की इस आलोचना पर कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की सरकार पलामुरु-रंगारेड्डी सिंचाई परियोजना को आगे बढ़ाने में विफल रही, कृष्ण राव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बीआरएस शासनकाल में इस परियोजना को पूरा करने में विफल रहे, जबकि उन्होंने परियोजना स्थल के पास ‘कुर्सी पर बैठकर’ इसे पूरा करने का वादा किया था।
हाल में जुबली हिल्स उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि लोगों ने पिछले दो वर्षों के दौरान बीआरएस नेताओं के टी रामा राव और टी हरीश राव द्वारा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि हाल में ग्राम पंचायत चुनाव में बीआरएस को एक तिहाई सीट भी नहीं मिलीं, जबकि उसका भाजपा के साथ गुपचुप समझौता था।
राव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केसीआर को एहसास हुआ कि पार्टी (बीआरएस) पूरी तरह से कमजोर हो गई है। वह (केसीआर) कम से कम कुछ हद तक पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने के लिए सामने आए हैं। यह पलामूरु परियोजना या कुछ और के बारे में नहीं है। शत प्रति यही बात है।’’
राव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के रूप में केसीआर ने 2015 में कहा था कि वह परियोजना स्थल के पास ‘कुर्सी पर बैठकर’ पलामुरु-रंगारेड्डी सिंचाई परियोजना को पूरा करेंगे, लेकिन 2023 तक सत्ता में रहने और राज्य पर आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज बोझ डालने के बावजूद वह अपना वादा पूरा करने में विफल रहे।
इस बीच, राज्य के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि जुबली हिल्स उपचुनाव और ग्राम पंचायत चुनावों में लोगों ने बीआरएस की 'चमड़ी उधेड़' दी है।
वह केसीआर की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि वह उसकी (कांग्रेस सरकार) ‘चमड़ी उधेड़ देंगे।’
दिसंबर, 2023 में अपनी पार्टी के सत्ता खो देने के बाद से बड़े पैमाने पर सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रह रहे केसीआर ने 21 दिसंबर को कांग्रेस सरकार को ‘बेकार शासन’ करार दिया और कहा कि उनकी पार्टी तेलंगाना के जल अधिकारों के लिए आंदोलन करेगी।
भाषा राजकुमार