‘रोलिंग बजट’ बनाने के मामले में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा: वित्त मंत्री देवड़ा
ब्रजेन्द्र जितेंद्र
- 22 Dec 2025, 08:05 PM
- Updated: 08:05 PM
भोपाल, 22 दिसंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को कहा कि लोकतंत्र की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप 2026-27 के लिए राज्य का बजट तैयार किया जाएगा।
उन्होंने वर्ष 2026-27 के बजट को अधिक लोक कल्याणकारी, व्यवहारिक और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित ‘बजट संवाद कार्यक्रम’ को संबोधित करते हुए कहा, “नवाचार के रूप में वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों के साथ वर्ष 2027-28 एवं वर्ष 2028-29 के सांकेतिक बजट अनुमान भी तैयार किए जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि इस प्रकार आगामी तीन वर्षों के लिए ‘रोलिंग बजट’ तैयार करने की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा।
इस कार्यक्रम में अर्थशास्त्रियों, बजट विशेषज्ञों, प्रबुद्ध विचारकों एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
हाल के वर्षों में बजट विश्लेषण की जिन विधियों को लोकप्रियता मिली है, उनमें रोलिंग बजट भी शामिल है।
‘रोलिंग बजट’ वास्तविक प्रदर्शन और बदलती परिस्थितियों के आधार पर समायोजन व संशोधन की अनुमति देता है।
‘रोलिंग बजट’ का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जैसे कि योजना बनाना, नियंत्रण करना, मूल्यांकन करना और पूर्वानुमान लगाना।
देवड़ा ने कहा कि प्रदेश का बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज न होकर आम जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “सरकार का निरंतर प्रयास है कि बजट निर्माण की प्रक्रिया में जनभागीदारी को और अधिक विस्तार दिया जाए और प्राप्त सुझावों को नीति निर्धारण की प्रक्रिया में शामिल किया जाए।”
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष प्रदेश के बजट को सरल, सहज और व्यावहारिक स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है, जिससे आम नागरिक भी बजट निर्माण प्रक्रिया को आसानी से समझ सके।
उन्होंने कहा, “बजट को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आम जनता, विषय विशेषज्ञों और प्रबुद्ध वर्ग से ई-मेल, वेबसाइट, दूरभाष एवं अन्य संचार माध्यमों के जरिए सुझाव आमंत्रित किए गए, जिनके माध्यम से लगभग 945 सुझाव प्राप्त हुए हैं।”
देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प में प्रदेश का उल्लेखनीय योगदान सुनिश्चित करने के लिए पूंजीगत व्यय में निरंतर वृद्धि की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 82 हजार 513 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रावधान अब तक का सर्वाधिक है।
उपमुख्यमंत्री ने आगामी लक्ष्यों की चर्चा करते हुए कहा कि वर्ष 2029 तक राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 27.2 लाख करोड़ रुपये तथा वर्ष 2047 तक 250 लाख करोड़ रुपये से अधिक करने का लक्ष्य है।
देवड़ा ने कहा कि साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि का खाका तैयार किया गया है।
भाषा ब्रजेन्द्र