भाजपा सरकार पूर्वोत्तर में कांग्रेस की दशकों की 'गलतियों' को सुधार रही : प्रधानमंत्री मोदी
पारुल सुभाष
- 20 Dec 2025, 10:48 PM
- Updated: 10:48 PM
(तस्वीरों के साथ)
गुवाहाटी, 20 दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर उसके शासनकाल के दौरान असम और पूर्वोत्तर की ‘‘उपेक्षा’’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार उन ‘‘गलतियों’’ को सुधार रही है, जो कांग्रेस दशकों से इस क्षेत्र में करती आ रही थी।
गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नये टर्मिनल का उद्घाटन करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि असम और पूर्वोत्तर का विकास कभी भी कांग्रेस के एजेंडे का हिस्सा नहीं था।
प्रधानमंत्री ने दावा किया, “कांग्रेस ने उन घुसपैठियों को संरक्षण दिया, जिन्होंने जंगल और जमीन पर कब्जा कर लिया, जिससे असम की सुरक्षा और अस्मिता को खतरा पैदा हो गया... भाजपा सरकार पूर्वोत्तर में दशकों तक कांग्रेस की ओर से की गई गलतियों को सुधार रही है।”
प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल से असम पहुंचे। बंगाल में उन्होंने एक रैली को संबोधित किया। दोनों राज्यों में छह महीने से भी कम समय में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मोदी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) इसलिए शुरू किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घुसपैठियों को चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखा जा सके, ‘‘लेकिन ‘देशद्रोही’ उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार घुसपैठ रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है।’’
मोदी ने कहा कि आजादी से पहले, जब मुस्लिम लीग और अंग्रेज भारत के बंटवारे की तैयारी कर रहे थे, तब असम को पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की साजिश रची गई थी।
उन्होंने दावा किया, "कांग्रेस इस साजिश का हिस्सा बनने वाली थी। लेकिन वह गोपीनाथ बरदोलोई थे, जिन्होंने अपनी पार्टी के खिलाफ खड़े होकर असम की पहचान को नष्ट करने की इस साजिश का विरोध किया और असम को देश से अलग होने से बचाया।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा पार्टी लाइन से ऊपर उठकर हर देशभक्त का सम्मान करती है और (अटल बिहारी) वाजपेयी सरकार ने बरदोलोई को 'भारत रत्न' से अलंकृत किया था।
उन्होंने आरोप लगाया, "बरदोलोई ने आजादी से पहले असम को बचाया था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद के युग में सत्ताधारी दल ने एक बार फिर राष्ट्रविरोधी गतिविधियां शुरू कर दीं, धार्मिक तुष्टीकरण के माध्यम से अपने वोट बैंक का विस्तार करने की साजिश रची और बंगाल तथा असम में घुसपैठियों को खुली छूट दे दी।"
मोदी ने दावा किया कि क्षेत्र की जनसांख्यिकी बदल दी गई और घुसपैठिए अतिक्रमण करने लगे, जिसके परिणामस्वरूप पूरे राज्य की सुरक्षा और अस्मिता खतरे में पड़ गई।
उन्होंने कहा, “हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली वर्तमान राज्य सरकार असम के संसाधनों को अवैध और राष्ट्र-विरोधी अतिक्रमणों से मुक्त कराने के लिए अथक प्रयास कर रही है। राज्य के संसाधनों का लाभ यहीं की जनता को मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र ने भी घुसपैठ रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।”
मोदी ने आरोप लगाया, “उच्चतम न्यायालय ने घुसपैठियों को वापस भेजने का निर्देश दिया है, इसके बावजूद विपक्ष ने खुले तौर पर राष्ट्रविरोधी एजेंडा अपना लिया है। ये पार्टियां घुसपैठियों के बचाव में बयान जारी कर रही हैं और उनके वकील अदालत में, उन्हें शरण देने की गुहार लगा रहे हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह "राष्ट्र-विरोधी मानसिकता" राज्य में अशांति वापस ला सकती है, इसलिए लोगों के लिए सतर्क रहना, एकजुट रहना और विपक्ष की "साजिशों" को विफल करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की "डबल इंजन सरकार" के नेतृत्व में असम में विकास लगातार उसी तरह जारी है, जैसे शक्तिशाली ब्रह्मपुत्र नदी का प्रवाह।
मोदी ने कहा, “असम की धरती से मेरा लगाव मुझे प्रेरित करता है, इस क्षेत्र के विकास के लिए मुझे शक्ति प्रदान करता है। असम और पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत के विकास का द्वार बन रहा है। देश के प्रत्येक राज्य, प्रत्येक क्षेत्र की 'विकसित भारत' के मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका है।’’
उन्होंने कहा, “असम का विकास न केवल एक आवश्यकता है, बल्कि मेरे लिए एक जिम्मेदारी और जवाबदेही भी है। पिछले 11 वर्षों में असम और पूर्वोत्तर में लाखों-करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाएं शुरू की गई हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि वंचितों को प्राथमिकता देकर और यह सुनिश्चित करके कि प्रत्येक राज्य एक साथ प्रगति करे, एक विकसित राष्ट्र के संकल्प को पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा, "असम और पूर्वोत्तर इस मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं। 'एक्ट ईस्ट' नीति के जरिये इस क्षेत्र को प्राथमिकता मिली है और असम भारत के पूर्वी प्रवेश द्वार के रूप में उभरा है।"
मोदी ने कहा कि असम भारत को आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) देशों से जोड़ने वाले सेतु की भूमिका निभा रहा है और यह राज्य कई क्षेत्रों में 'विकसित भारत' का इंजन बनेगा।
उन्होंने कहा कि असम का विकास इसलिए संभव हो पाया है, क्योंकि भाजपा सरकार इस क्षेत्र की पहचान और संस्कृति की रक्षा कर रही है।
मोदी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इस क्षेत्र को विकास से वंचित रखा और देश को सुरक्षा, एकता और अखंडता के मामले में भारी कीमत चुकानी पड़ी।
उन्होंने कहा, "दशकों तक हिंसा पनपती रही, जबकि पिछले 10-11 वर्षों में इसे पूरी तरह से समाप्त करने के प्रयास किए गए। आज 4जी और 5जी तकनीक के जरिये डिजिटल कनेक्टिविटी इन क्षेत्रों तक पहुंच रही है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "कभी हिंसा प्रभावित माने जाने वाले जिले अब महत्वाकांक्षी जिलों के रूप में उभर रहे हैं और आने वाले समय में यही क्षेत्र औद्योगिक गलियारे बन जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि जब लोग असम में राजमार्गों और हवाई अड्डों का निर्माण देखते हैं, तो वे स्वीकार करते हैं कि वास्तव में न्याय हुआ है।
मोदी ने आरोप लगाया, "विपक्ष ने इस क्षेत्र में आधुनिक हवाई अड्डों, राजमार्गों और बेहतर रेल संपर्क की आवश्यकता पर सवाल उठाया। इसी मानसिकता के कारण विपक्ष ने दशकों तक पूरे क्षेत्र की उपेक्षा की।"
उन्होंने कहा, "पूर्वोत्तर में एक नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है, जिसे और मजबूत करने की जरूरत है।"
भाषा पारुल