बिहार में विजय ने बंगाल में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त किया, 'महा जंगलराज' का अंत होगा : मोदी
प्रशांत माधव रंजन
- 20 Dec 2025, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
कोलकाता, 20 दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य की स्थिति की तुलना बिहार की पूर्व की “अराजकता” से की और इसे “महा जंगलराज” करार दिया।
मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस पर “भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण” का आरोप लगाया जो राज्य का विकास बाधित कर रहा है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने में छह महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में मोदी ने कोलकाता से नदिया जिले के ताहेरपुर में एक विशाल जनसभा को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की शानदार जीत का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार के चुनावी परिणाम पड़ोसी बंगाल में पार्टी के भाग्य पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “बिहार के चुनाव परिणामों ने बंगाल में भाजपा की जीत के दरवाजे खोल दिए हैं क्योंकि सभी जानते हैं कि गंगा बिहार से बंगाल की ओर बहती है।”
मोदी ने लोगों से अपील की कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक मौका देकर ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार बनाएं। भाजपा के नेता केंद्र और राज्यों दोनों में पार्टी की सरकार को “डबल इंजन” सरकार कहते हैं।
ताहिरपुर में रैली स्थल पर घने कोहरे के कारण प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर वहां बने अस्थायी हेलीपैड पर नहीं उतर सका, जिसके बाद उन्हें कोलकाता हवाई अड्डे वापस लौटना पड़ा। बाद में उन्होंने वहीं से डिजिटल ऑडियो माध्यम से रैलीस्थल पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
मोदी ने परिवर्तन संकल्प सभा में कहा, “तृणमूल कांग्रेस मेरा और भाजपा को जितना चाहे उतना विरोध करे, लेकिन मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि सत्तारूढ़ पार्टी क्यों लोगों को बंधक बनाकर रख रही है, उन्हें परेशान कर रही है और बंगाल की प्रगति को रोक रही है।”
परिवर्तन संकल्प सभा इस वर्ष बंगाल में ऐसी चौथी सभा है।
मोदी ने दावा किया, “हम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का महा जंगलराज खत्म कर देंगे, जहां भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति हावी है।”
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में “कट मनी और कमीशन” की प्रथा का बोलबाला होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में विकास थम गया है, जबकि क्षेत्र के लिए “अच्छी नीयत, योजनाओं और धन” की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि “प्रतिकूल राज्य सरकार” के कारण हजारों करोड़ रुपये की कल्याणकारी योजनाएं रुकी हुई हैं।
मोदी ने अगले साल के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी का चुनावी बिगुल बजाते हुए कहा, “मैं बंगाल के विकास के लिए अपनी पूरी ताकत लगाना चाहता हूं। भाजपा को एक मौका देकर डबल इंजन सरकार बनाएं।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “बंगाल की जमीनी हकीकत यह है कि लोग तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति चाहते हैं।”
उन्होंने कहा, “राज्य की गली-गली में ‘बांचते चाई, बीजेपी ताई’ (जीने के लिए भाजपा चाहिए) का नारा गूंज रहा है।”
प्रधानमंत्री ने नदिया जिले के रणाघाट क्षेत्र में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एक स्थान पर जनसभा को संबोधित किया, जहां मतुआ समुदाय का प्रभाव है।
मतुआ समुदाय के लोग बांग्लादेश से आए नामसु्द्र हिंदू प्रवासी हैं और हाल ही में एसआईआर मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद समुदाय के मताधिकार से वंचित होने का खतरा बढ़ गया है।
रैली स्थल मतुआ समुदाय के गढ़ कहे जाने वाले बोंगाव से ज्यादा दूर नहीं था।
मोदी ने डिजिटल संबोधन में मतुआ संप्रदाय के धार्मिक नेता और संस्थापक हरिचंद ठाकुर और गुरुचंद ठाकुर का जिक्र कर उनके योगदान को सराहा।
प्रधानमंत्री ने रैली में इस क्षेत्र के 15वीं सदी के बंगाली संत को श्रद्धांजलि देते हुए 'जॉय निताई' का नारा भी लगाया और एक अन्य संत चैतन्य महाप्रभु के योगदान को भी याद किया। मतुआ समुदाय दोनों की अराधना करता है।
मोदी ने राज्य में भाजपा के प्रमुख चुनावी मुद्दे घुसपैठ पर भी बात की और आरोप लगाया कि “घुसपैठियों को बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का समर्थन व संरक्षण प्राप्त है।”
उन्होंने कहा, “तृणमूल एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रही है ताकि घुसपैठियों को पहचाने जाने से बचाया जा सके। उन्हें उन प्रताड़ित शरणार्थियों के लिए कोई हमदर्दी नहीं है जिन्हें हम सीएए के माध्यम से नागरिकता देने की कोशिश कर रहे हैं। तृणमूल उन्हें डराने के लिए झूठी बातें फैला रही है।”
जिले के कुछ इलाकों में लगाए गए “गो बैक मोदी” (मोदी वापस जाओ) के पोस्टरों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे नारे घुसपैठियों के लिए ही होने चाहिए थे।
उन्होंने आरोप लगाया, “अगर तृणमूल को इस राज्य की परवाह होती तो उन्हें ‘घुसपैठियों वापस जाओ’ कहना चाहिए था। लेकिन वे इस मुद्दे पर चुप हैं। यही उस पार्टी का असली चेहरा है।”
वंदे मातरम के रचनाकार “बंकिम दा” को लेकर संसद में विवाद के बाद मोदी ने उन्हें “ऋषि बंकिम बाबू” कहकर श्रद्धांजलि दी और भीड़ को राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोहों की याद दिलाई।
तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के ताहिरपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली में दिए गए भाषण से मतुआ समुदाय के प्रति उनकी “उदासीनता” झलकती है, जो एसआईआर के तहत मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नामों को हटाए जाने को लेकर अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य और मतुआ समुदाय की नेता ममता बाला ठाकुर ने कहा, "समुदाय के सदस्य प्रधानमंत्री से एसआईआर पर विस्तार से जानकारी की उम्मीद कर रहे थे-यह समुदाय के सदस्यों को कैसे प्रभावित करता है और उन्हें नागरिकता देने के भाजपा के पहले किए गए वादे का क्या हुआ? हम बेहद निराश हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों के कथित उत्पीड़न के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। घोष ने पत्रकारों से कहा, "मोदी के भाषण में दूरदर्शिता और जिम्मेदारी का अभाव था। उन्होंने मतुआ समुदाय की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया।"
आज सुबह घने कोहरे के बीच प्रधानमंत्री की नदिया रैली में शामिल होने जा रहे लोगों के चलती ट्रेन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना पूर्वी रेलवे के सियालदह-कृष्णानगर खंड के अंतर्गत ताहेरपुर और बडकुल्ला रेलवे स्टेशनों के बीच घटी।
मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
नदिया जिले से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने घटना को नजरअंदाज करते हुए रैली जारी रखी।
ताहेरपुर में राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने पश्चिम बंगाल में 3,200 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का अनावरण किया, जिसका उद्देश्य राज्य में आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न हो पाने के कारण प्रधानमंत्री की जगह बोस ने आधिकारिक तौर पर परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
भाषा प्रशांत माधव