सात्विक-चिराग की जोड़ी सेमीफाइनल में हारकर बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स से बाहर
नमिता आनन्द
- 20 Dec 2025, 10:10 PM
- Updated: 10:10 PM
हांगझोउ, 20 दिसंबर (भाषा) भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी शनिवार को यहां सेमीफाइनल में चीन के लियांग वेई केंग और वांग चांग से हारने के बाद बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स से बाहर हो गई।
भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीत लिया लेकिन इसका फायदा नहीं उठा पाए और एक घंटे तीन मिनट तक चले सेमीफाइनल मुकाबले में 21-10, 17-21 13-21 से हार गए।
सात्विक और चिराग ने ग्रुप चरण में चीन की इस जोड़ी को हराया था। लेकिन प्रतिद्वंद्वी जोड़ी ने अहम मौके पर बाजी पलट दी।
मैच के बाद शेट्टी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने पहले गेम में काफी अच्छी शुरुआत की। लेकिन मुझे लगता है कि दूसरे गेम में उन्होंने थोड़ा बेहतर खेल दिखाया और हम पहले गेम की जीत का फायदा नहीं उठा पाए। ’’
इस भारतीय जोड़ी को सत्र के आखिरी टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में हार का सामना नहीं करना पड़ा था। लेकिन शनिवार की हार से वे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहुंचने वाली पहली पुरुष जोड़ी नहीं बन सके।
हालांकि वे सत्र के आखिरी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय पुरुष जोड़ी बन गए।
भारतीय जोड़ी ने पहले गेम ने 9-6 की बढ़त बनाई जिससे ब्रेक तक वे चार अंक से आगे थे। भारतीयों ने रैलियों पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। लगातार आठ अंक की बढ़त ने उन्हें 10 अंक से बढ़त दिला दी। उन्होंने चीन के खिलाड़ियों के नेट पर शॉट लगाने से पहला गेम जीत लिया।
चीन के खिलाड़ियों ने दूसरे गेम में अच्छी सर्विस और सटीक शॉट्स की मदद से 6-3 की बढ़त ले ली जिसमें भारतीयों की गलतियों का भी हाथ रहा।
चिराग के एक स्मैश और चीनी खिलाड़ी के एक वाइड शॉट ने भारत को 7-7 की बराबरी पर ला दिया। लेकिन स्थानीय खिलाड़ियों ने 9-7 से बढ़त ले ली। ब्रेक तक चीनी जोड़ी ने दो अंक की बढ़त बनाए रखी।
चिराग ने नेट पर एक कमजोर रिटर्न का फायदा उठाया और स्कोर 11-11 से बराबर कर दिया। हालांकि सर्विस रिटर्न पर एक गलती से भारत ने दो अंक गंवा दिए।
चीनी जोड़ी 17-15 से दो अंक से आगे थी लेकिन चिराग की रणनीतिक समझ ने भारत को 17-19 पर पहुंचा दिया।
सात्विक का पैरों के बीच से शॉट लंबा चला गया जिससे चीन को तीन गेम प्वाइंट मिल गए। लियांग के शॉट से चीन की जोड़ी ने गेम जीतकर 1-1 से बराबरी हासिल की।
निर्णायक गेम की शुरुआत में वांग चांग शानदार फॉर्म में थे जबकि लियांग ने स्मैश की बारिश कर दी और चीन 6-1 की बढ़त पर पहुंच गया।
भारतीयों को फ्लिक सर्व समझने में दिक्कत हुई जिसके परिणामस्वरूप वे 2-10 से पीछे हो गए। ब्रेक के बाद यही सिलसिला जारी रहा और वे 2-14 से और पीछे रहे।
भारतीयों ने 11-19 तक वापसी की। लेकिन चीन की जोड़ी ने इसे अपने नाम कर जीत हासिल की।
शेट्टी ने माना कि तीसरे गेम तक वे थक चुके थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम उतने सटीक नहीं थे और काफी थके हुए भी थे। साथ ही कल रात हम ढाई बजे सोए थे। जब तक हमारा मैच खत्म हुआ, तब तक लगभग 12 बज चुके थे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि तीसरा गेम निश्चित रूप से बहुत तेज था क्योंकि हम पहले दो गेम जितनी फुर्ती नहीं दिखा सके। पहले दो गेम में स्मैश बहुत जोरदार थे। ऐसा लग रहा था कि उन स्मैश में बहुत ज्यादा ताकत थी। और तीसरे गेम में हम वह ताकत नहीं लगा सके। ’’
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नमिता आनन्द