तृणमूल कांग्रेस का आरोप, प्रधानमंत्री मोदी ने मतुआ समुदाय को लेकर दिखाई उदासीनता
आशीष माधव
- 20 Dec 2025, 08:27 PM
- Updated: 08:27 PM
कोलकाता, 20 दिसंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के ताहिरपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली में दिए गए भाषण से मतुआ समुदाय के प्रति उनकी "उदासीनता" झलकती है, जो एसआईआर के तहत मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नामों को हटाए जाने को लेकर अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों के कथित उत्पीड़न के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। घोष ने पत्रकारों से कहा, "मोदी के भाषण में दूरदर्शिता और जिम्मेदारी का अभाव था। उन्होंने मतुआ समुदाय की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया।"
मतुआ दलित हिंदू शरणार्थी समुदाय है। धार्मिक उत्पीड़न के बाद बांग्लादेश से पलायन कर समुदाय के लोग यहां आए थे। 2002 के बाद पहली बार राज्यव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने मतदाताओं के बीच पहचान और नागरिकता को लेकर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
राज्य भर में, एसआईआर के तहत मसौदा मतदाता सूची से 58,20,898 नाम हटा दिए गए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल के मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ हो गई है।
घोष ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री "भाजपा शासित राज्यों की पुलिस द्वारा भारतीय नागरिकों को बांग्लादेश निर्वासित किए जाने पर चुप रहे, जबकि न्यायपालिका के हस्तक्षेप से वे अपनी मातृभूमि भारत लौट पाए।"
उनका इशारा प्रवासी सुनाली खातून की ओर था, जो जून में बांग्लादेश भेज दिए जाने के बाद छह दिसंबर को भारत लौटी थी।
घोष ने यह भी दावा किया, "प्रधानमंत्री मोदी ने यह नहीं बताया कि केंद्र ने बंगाल में गरीब लोगों के लिए केंद्रीय परियोजनाओं के लिए धन क्यों रोक दिया और बंगाल में विकास की कमी के बारे में एक झूठी कहानी गढ़ी।"
उन्होंने पूछा कि केंद्र ने 100 दिवसीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये की धनराशि क्यों रोक रखी है।
घोष ने दावा किया कि ताहिरपुर रैली के रास्ते में एक ट्रेन दुर्घटना में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई और इसके लिए उन्होंने "मोदी के कार्यक्रम में भीड़ के कुप्रबंधन" को जिम्मेदार ठहराया।
रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ताहिरपुर में प्रधानमंत्री मोदी की रैली में शामिल होने के लिए जा रहे तीन लोगों की घने कोहरे के बीच ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
पश्चिम बंगाल की मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बाद में पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री ने केंद्र द्वारा कई केंद्रीय परियोजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल के 1.97 लाख करोड़ रुपये के बकाया को रोके रखने के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा।
मोदी के बांग्ला में बोलने पर कटाक्ष करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, "उनके सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, उनके कई उच्चारण, विशेष रूप से स्थानों के नाम समझ से परे थे।’’
राज्य की वरिष्ठ मंत्री होने के नाते भट्टाचार्य सुबह कोलकाता हवाई अड्डे पर मोदी के आगमन पर उनका आधिकारिक रूप से स्वागत करने गई थीं।
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य और मतुआ समुदाय की नेता ममता बाला ठाकुर ने कहा, "समुदाय के सदस्य प्रधानमंत्री से एसआईआर पर विस्तार से जानकारी की उम्मीद कर रहे थे—यह समुदाय के सदस्यों को कैसे प्रभावित करता है और उन्हें नागरिकता देने के भाजपा के पहले किए गए वादे का क्या हुआ?’’
उन्होंने कहा कि 2019 के चुनावों से पहले, प्रधानमंत्री ने हमारे मुख्यालय ठाकुरनगर का दौरा किया था और कई वादे किए थे। ठाकुर ने कहा, “उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में मतुआ समुदाय एसआईआर से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। जिन भी निर्वाचन क्षेत्रों में मतुआ समुदाय बहुमत में है, उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।”
भाषा आशीष