गर्भवती महिला पर 'मारपीट' का सीसीटीवी फुटेज सामने आया, एसएचओ निलंबित
प्रचेता सुरेश
- 19 Dec 2025, 10:01 PM
- Updated: 10:01 PM
कोच्चि, 19 दिसंबर (भाषा) कोच्चि के एक पुलिस थाने में पिछले वर्ष तैनात थाना प्रभारी (एसएचओ) को एक गर्भवती महिला को थप्पड़ मारने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, अलप्पुझा जिले के अरूर पुलिस थाने में तैनात एसएचओ प्रताप चंद्रन के.जे. को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई उस घटना के सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद की गई है जो 20 जून 2024 को कोच्चि के एक पुलिस थाने में हुई थी।
पुलिस के अनुसार, राज्य पुलिस प्रमुख रावड़ा चंद्रशेखर के निर्देश पर दक्षिण क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के कार्यालय द्वारा एसएचओ के निलंबन का आदेश जारी किया गया।
उन्होंने बताया कि कोच्चि निवासी शायमोल एन. जे. के साथ एसएचओ प्रताप चंद्रन ने मारपीट की थी। उस समय चंद्रन एर्नाकुलम उत्तर पुलिस थाने के एसएचओ के रूप में तैनात थे। यह घटना तब हुई जब शायमोल के पति बेंजु को एक मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था।
इस संबंध में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में पुलिस थाने में हुई झड़प के दौरान चंद्रन को शायमोल को धक्का देते और बाद में उसके चेहरे पर थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। फुटेज में एक महिला पुलिस अधिकारी भी शायमोल को थप्पड़ मारती हुई दिख रही है।
दंपति ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे अधिकारी को बर्खास्त किए जाने तक अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
शायमोल ने कहा, “मैंने अपने पति के साथ मारपीट होते देख पुलिस से गुहार लगाई थी। मारपीट को रोकने की कोशिश में मैंने केवल अधिकारी को छुआ था इसके अलावा मैंने कुछ भी गलत नहीं किया। उस समय मैं अपने दो बच्चों के साथ पुलिस थाने में मौजूद थी।”
शायमोल ने घटना की न्यायिक जांच की मांग को लेकर एर्नाकुलम के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत में एक याचिका दायर की।
जानकारी के अनुसार, शायमोल ने प्रताप चंद्रन को सेवा से बर्खास्त करने की भी मांग की है। याचिका पर अगले महीने सुनवाई होने की संभावना है।
इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं ने एर्नाकुलम उत्तर पुलिस थाने तक प्रदर्शन मार्च निकाला और चंद्रन के बर्खास्त होने की मांग की।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया है कि राज्य में पुलिस व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने कहा कि यह घटना वर्तमान सरकार के तहत पुलिस के बार-बार किए गए अत्याचारों को उजागर करती है।”
भाषा
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