सहयोग के नए क्षेत्रों के उभरने से भारत-नीदरलैंड संबंध और होंगे प्रगाढ़ : जयशंकर
आशीष सुरेश
- 19 Dec 2025, 09:14 PM
- Updated: 09:14 PM
नयी दिल्ली, 19 दिसंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि द्विपक्षीय सहयोग के नए और महत्वपूर्ण क्षेत्रों के उभरने से भारत-नीदरलैंड संबंधों में और मजबूती आएगी। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, डिजिटल, साइबरस्पेस या जीवन विज्ञान के क्षेत्र में दोनों देश अधिक निकटता से काम करेंगे।
नीदरलैंड के विदेश मंत्री डेविड वैन वील के साथ वार्ता से पहले अपने प्रारंभिक संबोधन में जयशंकर ने यह भी कहा, "हम आपके समर्थन पर भी भरोसा करते हैं, क्योंकि हम मुक्त व्यापार समझौते पर यूरोपीय संघ के साथ अपनी बातचीत के एक निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहे हैं।’’
विदेश मंत्रालय ने बताया कि नीदरलैंड के विदेश मंत्री 17 से 19 दिसंबर तक भारत दौरे पर हैं।
जयशंकर ने कहा, ‘‘हम नीदरलैंड के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देते हैं- द्विपक्षीय रूप से और यूरोपीय संघ में एक प्रमुख भागीदार के रूप में भी। पिछले कुछ महीनों में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं, जिन्होंने हमारे सहयोग को और अधिक आयाम दिए हैं।"
उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड के बीच जल क्षेत्र में "रणनीतिक साझेदारी" है, एवं कृषि, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा जहाजरानी क्षेत्रों में बहुत मजबूत सहयोग है।
विदेश मंत्री ने कहा, "सेमीकंडक्टर समेत सहयोग के नए क्षेत्रों के उभरने के साथ, मुझे लगता है कि हमारे संबंधों के और प्रगाढ़ होने की गुंजाइश है। इसलिए चाहे वह सेमीकंडक्टर हो, डिजिटल क्षेत्र हो, साइबरस्पेस हो या जीवन विज्ञान हो, हम आपके साथ और अधिक निकटता से काम करना चाहेंगे।"
जयशंकर ने यह भी कहा कि वह वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर नीदरलैंड के विदेश मंत्री के विचार जानना चाहेंगे। उन्होंने कहा, "इसलिए मैं आपकी चर्चाओं का इंतजार कर रहा हूं।"
विदेश मंत्री ने बाद में हैदराबाद हाउस में हुई अपनी मुलाकात की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
जयशंकर ने पोस्ट में कहा कहा, “आज नयी दिल्ली में नीदरलैंड के विदेश मंत्री डेविड वैन वील से मिलकर खुशी हुई। व्यापार, रक्षा, जहाजरानी, जल, कृषि, स्वास्थ्य और संस्कृति सहित हमारे द्विपक्षीय सहयोग पर सार्थक चर्चा हुई। सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी बात हुई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। भारत-यूरोपीय संघ के घनिष्ठ संबंधों और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के समापन के लिए नीदरलैंड के समर्थन की सराहना करता हूं।
इससे पहले द्विपक्षीय वार्ता से ठीक पहले अपने संबोधन में जयशंकर ने वैन वील का दिल्ली में स्वागत किया।
भाषा आशीष