राजस्थान: 'विधायक निधि' में भ्रष्टाचार के आरोप; सदाचार समिति के सामने पेश हुए तीनों विधायक
पृथ्वी अमित
- 19 Dec 2025, 06:23 PM
- Updated: 06:23 PM
जयपुर, 19 दिसंबर (भाषा) 'विधायक निधि' जारी करने के बदले कमीशन लेने के आरोप के मामले में तीन विधेयक शुक्रवार को यहां राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति के सामने पेश हुए।
समिति के अध्यक्ष कैलाश वर्मा ने बताया कि विधायकों ने अपनी बात रखी, कुछ दस्तावेज पेश किए तथा और समय मांगा। उन्होंने बताया कि समिति ने इन विधायकों को अपना पक्ष रखने के लिए और समय दिया है।
उल्लेखनीय है कि समिति ने इस मामले में राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के विधायक रेवंतराम डांगा, कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और निर्दलीय विधायक रितु बनावत को बुधवार को नोटिस जारी करके शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा था।
वर्मा ने बताया कि तीनों विधायक आज विधानसभा में समिति के सामने अलग अलग पेश हुए और तीनों ने अपना पक्ष रखा एवं कुछ दस्तावेज पेश किए। उन्होंने बताया कि साथ ही समिति के सदस्यों द्वारा मांगी गई जानकारी व अपनी ओर से और साक्ष्य पेश करने के लिए और समय मांगा। उन्होंने बताया कि विधायक डांगा ने 15 दिन, बनावत ने 10 दिन व विधायक जाटव ने सात दिन का और समय मांगा है। उन्होंने बताया कि समिति ने उन्हें इसकी अनुमति दी है।
वर्मा ने कहा, ‘‘स्टिंग आपरेशन करने वाले पत्रकार को भी समिति ने नोटिस देकर बुलाया है। एक बार वह भी आज आएंगे तो उनका पक्ष भी समिति जानेगी।’’
एक अखबार ने अपने 'स्टिंग ऑपरेशन' में इन तीनों विधायकों पर 'विधायक निधि' जारी करने के बदले कमीशन मांगने का आरोप लगाया था।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने विधायकों द्वारा 'विधायक निधि' जारी करने के बदले कमीशन लेने के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच के लिए मुख्य सतर्कता आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है। वहीं, इस जांच का नतीजा आने तक तीन विधायकों के विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमएलए एलएडी) खातों से लेनदेन पर रोक लगा दी गई है।
यह कार्रवाई एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद की गई जिसमें खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक रितु बनावत पर विधायक निधि से रकम मंजूर करने के बदले 'कमीशन' लेने का आरोप लगाया गया था। राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा व मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों को नोटिस जारी किए हैं।
भाषा पृथ्वी