संदेशखालि के बारे में प्रधानमंत्री लगातार झूठ बोल रहे, लेकिन राज्यपाल पर चुप्पी साध ली : ममता
आशीष अविनाश
- 12 May 2024, 07:29 PM
- Updated: 07:29 PM
(फाइल फोटो के साथ)
अमदंगा (पश्चिम बंगाल), 12 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर संदेशखालि के बारे में लगातार ‘‘झूठ फैलाने’’ का आरोप लगाते हुए रविवार को सवाल किया कि वह राज्यपाल सी वी आनंद बोस के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोपों पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं और उनसे इस्तीफा देने के लिए क्यों नहीं कहा जा रहा है।
उत्तर 24 परगना के अमदंगा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री को शर्म आनी चाहिए कि संदेशखालि के बारे में ‘‘भाजपा की साजिश’’ उजागर हो गई है।
अमदंगा बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बनर्जी ने एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री अभी भी संदेशखालि के बारे में झूठ बोल रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए क्योंकि भाजपा की साजिश अब उजागर हो गई है।’’
वीडियो में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक स्थानीय नेता कथित तौर पर यह कहते दिखते हैं कि 70 से अधिक महिलाओं को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता शाहजहां शेख के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए 2,000 रुपये मिले थे। शेख पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप है।
इससे पूर्व, एक वीडियो क्लिप में भाजपा के संदेशखालि मंडल अध्यक्ष गंगाधर कयाल से मिलते-जुलते एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना गया था कि विरोध प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के इशारे पर किया गया था, जो ‘‘पूरी साजिश’’ के लिए जिम्मेदार हैं।
करीब 20 किलोमीटर दूर बैरकपुर शहर में जनसभा में प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडे दोषियों को बचाने के लिए संदेशखालि की पीड़ित महिलाओं को धमकी दे रहे हैं।
मोदी ने आरोप लगाया, ‘‘हम सभी ने देखा है कि तृणमूल ने संदेशखालि की बहनों और माताओं के साथ क्या किया है। तृणमूल के गुंडे अब संदेशखालि में महिलाओं को धमकी दे रहे हैं क्योंकि मुख्य अपराधी का नाम शाहजहां शेख है। तृणमूल संदेशखालि के दोषियों को बचाने के लिए सबकुछ कर रही है।’’
बनर्जी ने कहा कि राज्यपाल के खिलाफ राजभवन की एक कर्मचारी के छेड़छाड़ संबंधी आरोप पर केंद्र की निष्क्रियता भाजपा के ‘‘महिला विरोधी रुख’’ को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री ने राजभवन में रात्रि प्रवास के दौरान राज्यपाल से इस्तीफा देने के लिए क्यों नहीं कहा?’’
बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं संवैधानिक संकट का सामना कर रही हूं। अगर मुझे राजभवन जाना है तो मुझे क्या करना चाहिए? मैं दुविधा में हूं।’’ उन्होंने दावा किया कि महिलाएं अब राजभवन जाने से डरती हैं।
मोदी शनिवार को कोलकाता पहुंचे और रात में राजभवन में ठहरने के बाद रविवार सुबह राज्य में प्रचार अभियान शुरू किया।
मोदी को ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री’’ बताते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि वह धार्मिक आधार पर मतदाताओं के ध्रुवीकरण का प्रयास कर रहे हैं। बनर्जी ने कहा, ‘‘वह कह रहे हैं कि हम एससी और एसटी का कोटा छीनकर मुसलमानों को आरक्षण देंगे। उन्हें झूठ बोलने की आदत है जो केवल धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करना चाहते हैं।’’
उन्होंने केंद्र से राज्य में जबरन नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू नहीं करने को कहा।
बनर्जी ने कहा कि चूंकि केंद्र मनरेगा का धन रोक रहा है, इसलिए योजना के तहत काम करने वाले 69 लाख गरीब लोगों को भुगतान नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, हमने उन्हें राज्य के खजाने से भुगतान किया।’’
तृणमूल कांग्रेस ने बैरकपुर में भाजपा के सांसद अर्जुन सिंह के खिलाफ पार्थ भौमिक को मैदान में उतारा है। लोगों से टीएमसी को वोट देने का आग्रह करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘कृपया इस बार किसी बाहुबली को न चुनें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कृपया किसी ऐसे व्यक्ति को वोट न दें जिसके चुनाव से क्षेत्र में फिर से दंगों की आशंका पैदा हो जाए।’’
बनर्जी ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में कोयला और मवेशी तस्करी के संबंध में भाजपा के आरोप में कोई सच्चाई है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय पर है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर सीमा पार से तस्करी हो रही है तो केंद्रीय सुरक्षा बल क्या कर रहे हैं? गृह मंत्री इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं?’’
भाषा आशीष