हिजाब हटाये जाने के बाद नौकरी ठुकराने के अफवाह के बीच अधिकारी ने कहा- ड्यूटी पर आयेंगी चिकित्सक
अमित रंजन
- 19 Dec 2025, 05:50 PM
- Updated: 05:50 PM
पटना, 19 दिसंबर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक कार्यक्रम में एक चिकित्सक का हिजाब हटाए जाने के बाद उनकी ओर से सरकारी नौकरी ठुकराये जाने की अफवाहों के बीच, संबंधित अधिकारी ने शुक्रवार को दावा किया कि चिकित्सक ड्यूटी जॉइन करेंगी।
राज्य के सरकारी तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ. महफूजुर रहमान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आयुष चिकित्सक नुसरत परवीन के परिवार ने पुष्टि की है कि वह शनिवार को ड्यूटी जॉइन करेंगी।
रहमान ने कहा, “मैंने परवीन के पति, रिश्तेदारों और उनके सहपाठियों से बात की है। उन्होंने बताया कि वह 20 दिसंबर को ड्यूटी जॉइन करेंगी। उन्हें पहले सरकारी तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल में जॉइन करना होगा और उसके बाद उन्हें उनके पदस्थापन स्थल पर भेजा जाएगा। उनके परिजनों और सहपाठियों ने मुझे भरोसा दिलाया है कि वह ड्यूटी जॉइन करेंगी।”
यह घटना सोमवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में उस समय हुई थी, जब आयुष चिकित्सक नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के लिए एकत्र हुए थे। व्यापक रूप से प्रसारित हुए वीडियो क्लिप के अनुसार, जब महिला चिकित्सक नियुक्ति पत्र लेने मंच पर पहुंचीं तो मुख्यमंत्री ने उनका ‘हिजाब’ देखा और कहा, “यह क्या है” और फिर हिजाब हटा दिया।
इस घटना ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। इसके बाद अफवाहें उड़ीं कि परवीन ने नौकरी लेने से इनकार कर दिया है।
इस घटना की देश-विदेश में आलोचना हुई है, जिसमें पश्चिम एशिया के कई देशों की प्रतिक्रियाएं भी शामिल हैं। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष कुमार पर कथित रूप से ‘ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) एजेंडा’ के अनुरूप मुस्लिम परंपराओं का अपमान करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को कहा, “इस मुद्दे पर अनावश्यक रूप से विवाद खड़ा किया जा रहा है। नीतीश कुमार जी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने राज्य में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई कदम उठाए हैं।”
इस बीच, हिजाब विवाद को लेकर मुख्यमंत्री को पाकिस्तान स्थित एक व्यक्ति से कथित धमकी मिलने की सूचना है। पटना के साइबर थाना में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को बताया कि मामले की जांच पटना के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को सौंप दी गई है।
भाषा कैलाश
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