कोटा की वायु गुणवत्ता अभी भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
राखी मनीषा
- 19 Dec 2025, 05:33 PM
- Updated: 05:33 PM
कोटा, 19 दिसंबर (भाषा) राजस्थान के कोटा में वायु गुणवत्ता लगातार ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में प्रदूषण का स्तर खराब रहने के बीच स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने निगरानी तथा प्रवर्तन उपायों में खामियों की ओर इशारा किया है।
छावनी के विशाल बाजार समेत प्रदूषण के कई हॉटस्पॉट में कबाड़ की दुकानों के बाहर इलेक्ट्रॉनिक कचरा, पुराने घरेलू उपकरण, तार और टायर खुले में जलाने के कारण वायु गुणवत्ता पर दबाव बढ़ रहा है।
सर्दियों के दौरान, विशेषकर दिवाली के बाद, प्रदूषण की समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
कोटा स्थित राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी योग्यता सिंह ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "हमने दिवाली के बाद कोटा नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामलों में निवारक कदम उठाने और कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया था।"
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग को भी पराली जलाने के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सतर्क कर दिया गया है।
हालांकि, प्रवर्तन और निगरानी के मुद्दे पर सिंह ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रत्यक्ष कार्रवाई करने के लिए अधिकृत नहीं है और प्रदूषण उत्पन्न करने वाली इकाइयों पर नजर रखने के लिए उसके पास कोई उचित निगरानी तंत्र भी नहीं है।
नगर आयुक्त ओ पी मेहरा ने कहा कि दिवाली के आसपास आमतौर पर एंटी-स्मॉग गन जैसे एहतियाती उपाय अपनाए जाते हैं।
उन्होंने दावा किया कि फिलहाल शहर में वायु प्रदूषण का स्तर इतना गंभीर नहीं है।
प्रदूषण फैलाने वाली और नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में आयुक्त ने कहा कि वह संबंधित आंकड़े एकत्र करेंगे और तदनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि शहर में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, जिसमें वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर 160 से 250 के बीच रहता है। प्रमुख प्रदूषक पीएम2.5 और पीएम10 हैं।
शुक्रवार की सुबह कोटा में एक्यूआई 191 दर्ज किया गया और धानमंडी क्षेत्र में एक्यूआई 213 रहा। शहर में बृहस्पतिवार को एक्यूआई 205, बुधवार को 224 और मंगलवार को 237 दर्ज किया गया था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वर्गीकरण के अनुसार, शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है।
भाषा
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