प्रधानमंत्री के “करीबियों” के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई: कांग्रेस
जोहेब सुरेश
- 11 May 2024, 10:10 PM
- Updated: 10:10 PM
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से सवाल किया कि उसने प्रधानमंत्री के “करीबियों” के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की, जबकि चुने हुए नेताओं को मनगढ़ंत मामलों में जेल में डाला जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में आरोप लगाया था कि कांग्रेस को "अडाणी और अंबानी" से "टेंपो में भरकर पैसा" मिल रहा है, जिसका जिक्र करते हुए पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने ईडी से सवाल किया।
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “दो मौजूदा मुख्यमंत्रियों, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी ने मनगढ़ंत मामलों में जेल में डाल दिया। इस बीच, प्रधानमंत्री ने तेलंगाना में अपने एक भाषण में खुलेआम कहा है कि अडाणी और अंबानी के पास काला धन भरा हुआ है। ऐसे में ईडी कुम्भकर्ण की नींद क्यों सो रही है?”
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के करीबियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जबकि जनता द्वारा चुने गए नेताओं को जेल में डाला जा रहा है?”
सोरेन को ईडी ने 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उन्हें लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए एक जून तक की अंतरिम जमानत दी।
झारखंड के चतरा में मोदी की चुनावी रैली के दिन रमेश ने सरकार पर रेलवे कनेक्टिविटी की मांग पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया और कहा कि चतरा-गया रेल परियोजना पर कोई प्रगति नहीं हुई है।
उन्होंने भाजपा पर आदिवासियों के अधिकारों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “वर्ष 2006 में कांग्रेस ने क्रांतिकारी वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) पारित किया था, जिसके बाद से आदिवासियों का वर्षों का संघर्ष समाप्त हुआ था। इस कानून ने आदिवासियों और वन में रहने वाले अन्य समुदायों को अपने ख़ुद के जंगलों का प्रबंधन करने और उनसे प्राप्त उपज से आर्थिक रूप से लाभ उठाने का कानूनी अधिकार दिया था। पिछले साल, जब प्रधानमंत्री मोदी ने वन संरक्षण संशोधन अधिनियम पेश किया, तो इस सारी प्रगति पर पानी फिर गया।”
भाषा जोहेब