जब मस्तिष्क खतरे के प्रति सचेत करता है तब नाखून चबाने, टालमटोल जैसी नुकसानदेय प्रवृत्ति होती

जब मस्तिष्क खतरे के प्रति सचेत करता है तब नाखून चबाने, टालमटोल जैसी नुकसानदेय प्रवृत्ति होती