पंडित राजा काले और पंडित तरुण भट्टाचार्य को तानसेन अलंकरण से विभूषित किया गया
सं ब्रजेन्द्र अमित
- 15 Dec 2025, 11:35 PM
- Updated: 11:35 PM
ग्वालियर, 15 दिसम्बर (भाषा) भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित आयोजनों में शुमार तानसेन समारोह के 101वें संस्करण में सोमवार को मुंबई के पंडित राजा काले को गायन के लिए वर्ष 2024 के और संतूर वादक पंडित तरुण भट्टाचार्य को 2025 के तानसेन अलंकरण से विभूषित किया गया।
इसके साथ ही मण्डलेश्वर की साधना परमार्थिक संस्थान समिति को वर्ष 2024 एवं ग्वालियर की रागायन संगीत समिति को वर्ष 2025 के राजा मानसिंह तोमर सम्मान से अलंकृत किया गया।
इससे पहले, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस समारोह में हिस्सा लिया और तानसेन समारोह की औपचारिक शुरुआत की।
मुख्यमंत्री यादव ने सभी सम्मानित संगीत साधकों को बधाई एवं शुभकामनायें दीं और कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कला, संस्कृति का संरक्षण करते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है।"
समारोह की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं विधायक मोहन सिंह राठौर बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
यादव ने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे और उनके सुर और तान ने ग्वालियर को दुनिया में अलग पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि वैदिक काल से शास्त्रीय संगीत हमारे जीवन और संस्कृति का हिस्सा रहा है और सामवेद इसका साक्षी है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में कला व संस्कृति को नए आयाम मिल रहे हैं और भारत अपनी अद्वितीय छाप छोड़ रहा है। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है।"
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा तानसेन समारोह पर केन्द्रित स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ ही ग्वालियर घराने के मूर्धन्य गायक राजा भैया पूछवाले की बंदिशों को संग्रहित कर प्रकाशित की गई पुस्तिका 'स्वरांग दर्शन' का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तिका पी एल गोहदकर एवं बाला साहब पूछवाले द्वारा तैयार की गई है।
इस बार कई ख्यातिप्राप्त कलाकारों को इस समारोह में बुलाया गया है। इसमें प्रमुख रूप से पद्मविभूषण अमजद अली खां अपने पुत्रों अमान और अयान के जुगलबंदी करेंगे।
इसके अलावा गायिका सुमित्रा गुहा, सितारवादक शिवनाथ-देवब्रत मिश्र, कलापिनी कोमकली, संजीव अभ्यंकर भी अपनी प्रस्तुति देंगे। समारोह में स्थानीय व युवा कलाकारों को भी मंच दिया जाएगा।
भाषा सं ब्रजेन्द्र