पहलगाम हमला : एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा और छह अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया
धीरज दिलीप
- 15 Dec 2025, 10:15 PM
- Updated: 10:15 PM
जम्मू, 15 दिसंबर (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने इस साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के सिलसिले में यहां की विशेष अदालत में दो आतंकवादी संगठनों, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके मुखौटा संगठन टीआरएफ तथा छह अन्य के खिलाफ विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया।
एनआईए की ओर से दाखिल किये गए 1,597 पन्नों के आरोपपत्र में पाकिस्तान से जुड़े गहरे षड्यंत्र का विस्तृत विवरण दिया गया है। एजेंसी ने जांच के आधार पर कहा कि पाकिस्तान‘‘भारत के खिलाफ आतंकवाद को लगातार प्रायोजित कर रहा है’’।
एनआईए ने अमेरिका और भारत द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किए गए हाफिज सईद के नेतृत्व वाले लश्कर-ए-तैयबा और हबीबुल्लाह मलिक उर्फ साजिद जट्ट के नेतृत्व वाले ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) (टीआरएफ) को इस साल 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में हुए पहलगाम हमले की योजना बनाने, उसे अंजाम देने और उसमें सहयोग करने में उनकी भूमिका के लिए आरोप पत्र में नामजद किया है।
एनआईए द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक ‘‘पाकिस्तान में बैठक कर पूरे हमले का निर्देशन करने वाले आतंकी आका साजिद जट्ट को भी जम्मू स्थित विशेष न्यायालय में दाखिल आरोपपत्र में आरोपी बनाया गया है।’’
एनआईए द्वारा दाखिल आरोप पत्र में उन तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें घातक आतंकी हमले के करीब 100 दिन बाद 29 जुलाई को श्रीनगर के दाचीगाम में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान सेना ने मार गिराया था। तीनों की पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है।
एजेंसी ने बताया कि तीनों की पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में की गई है।
एनआईए ने अपने आरोपपत्र में आरोपियों के खिलाफ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धारा भी लगाई है।
बयान के मुताबिक, एनआईए ने लगभग आठ महीने तक चली विस्तृत वैज्ञानिक जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया है।
बयान के मुताबिक, आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में एनआईए द्वारा 22 जून को गिरफ्तार परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथर के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया है।
बयान के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हमले में संलिप्त तीन सशस्त्र आतंकवादियों की पहचान उजागर की और यह भी पुष्टि की कि वे प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक थे।
भाषा धीरज