बीएमसी सहित 29 नगर निकायों के लिए 15 जनवरी को होगा चुनाव, मतगणना 16 जनवरी को
नोमान नेत्रपाल
- 15 Dec 2025, 11:00 PM
- Updated: 11:00 PM
मुंबई, 15 दिसंबर (भाषा) महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 नगर निकायों के लिए चुनाव 15 जनवरी को होगा और मतों की गिनती 16 जनवरी को की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
विधानसभा चुनाव के एक साल बाद, सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) के बीच प्रमुख शहरी केंद्रों में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का चुनाव 2022 की शुरुआत में होना था।
एसईसी ने कहा कि इन नगर निकायों में कुल 2,869 सीट के लिए मतदान होगा, जिनमें बीएमसी की 227 सीट भी शामिल हैं।
बीएमसी 2025-26 में 74,000 करोड़ रुपये से अधिक के बजट के साथ एशिया का सबसे बड़ा नगर निकाय है।
नगर निकाय चुनावों का कार्यक्रम यहां एक प्रेसवार्ता में घोषित करते हुए, राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने कहा कि राज्य के प्रमुख शहरी केंद्रों के इन नगर निकायों में 3.48 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं।
कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही इन नगर निकायों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
वाघमारे ने कहा कि नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर से शुरू होगी और 30 दिसंबर तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्रों की छंटनी 31 दिसंबर को की जाएगी और उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि दो जनवरी 2026 है।
उन्होंने कहा कि चुनाव चिह्नों का आवंटन और उम्मीदवारों की अंतिम सूची तीन जनवरी को प्रकाशित की जाएगी।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र भर में फैले 29 नगर निकायों में 15 जनवरी को मतदान होगा और मतों की गिनती अगले दिन होगी।
उन्होंने कहा कि मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा और जो लोग शाम 5:30 बजे तक कतार में खड़े होंगे, उन्हें एक पर्ची दी जाएगी और उन्हें निर्धारित समयसीमा के बाद भी मतदान करने की अनुमति दी जाएगी।
उच्चतम न्यायालय ने सितंबर में एसईसी को 31 जनवरी तक नगर निकायों सहित स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया था।
चुनाव से पहले, उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ संबंधों को सुधारा तथा शिवसेना (उबाठा) और राज के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने की उम्मीद है।
एमवीए में शिवसेना (उबाठा) की सहयोगी कांग्रेस ने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की है। खासकर, भाजपा और शिवसेना के बीच शुरुआती मतभेदों के बाद सत्तारूढ़ महायुति ने नगर निकाय चुनाव साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। महायुति में अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल है।
वाघमारे ने कहा कि जिन 12 जिला परिषदों में 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा पार नहीं होती है, उनमें चुनाव की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
मुंबई को छोड़कर, बाकी सभी नगर निकायों में बहु-सदस्यीय वार्ड हैं, जहां मतदाताओं को एक वार्ड में तीन से पांच सदस्यों के लिए मतदान करना होता है। मुंबई में एकल-सदस्यीय वार्ड हैं।
बीएमसी के अलावा, जिन नगर निकायों में चुनाव होगा, उनमें नवी मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, उल्हासनगर, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, अमरावती, अकोला, लातूर, परभणी, चंद्रपुर, भिवंडी-निजामपुर, मालेगांव, पनवेल, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, सांगली-मिराज, कुपवाड, जलगांव, धुले, अहिल्यानगर, इचलकरंजी और जालना शामिल हैं।
राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में से इचलकरंजी और जालना नगर निकाय नवगठित निकाय हैं। शेष 27 में से पांच नगर निकायों का कार्यकाल 2020 में और मुंबई सहित 18 महानगरपालिकाओं का कार्यकाल 2022 में समाप्त हो गया था। तीन नगर निकायों का कार्यकाल 2023 में समाप्त हुआ।
राज्य निर्वाचन आयोग के प्रमुख ने बताया कि इन नामों को ‘डबल स्टार’ से चिह्नित किया गया है और उनसे पूछा गया है कि वे किस मतदान केंद्र पर वोट डालेंगे।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिन ‘डुप्लिकेट’ मतदाताओं से संपर्क नहीं हो सका है, उनसे संबंधित मतदान केंद्र पर आने पर एक हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा जाएगा, जिसमें वे इस बात की पुष्टि करेंगे कि उन्होंने कहीं और मतदान नहीं किया है।
वाघमारे ने कहा कि नामांकन केवल ऑफलाइन ही दाखिल किए जा सकते हैं और एक जुलाई, 2025 तक मौजूद मतदाता सूचियों का उपयोग चुनावों के लिए किया जाएगा, जिन्हें वार्ड-वार अद्यतन किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि मतदाता सूचियां भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा जारी की जाती हैं, इसलिए एसईसी को नाम हटाने या जोड़ने का कोई अधिकार नहीं है।
इस बीच, राकांपा प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने लोगों से आगामी 29 नगर निकाय चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की ताकि विकास और स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
पवार ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘इन चुनावों के माध्यम से, आइए सतत विकास, पारदर्शी प्रशासन और मजबूत बुनियादी ढांचे पर आधारित एक मजबूत महाराष्ट्र का निर्माण करें। आइए सक्षम नेतृत्व का समर्थन करें।’’
वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि पार्टी जन-केंद्रित शासन, पारदर्शिता और सतत शहरी विकास पर विशेष ध्यान देते हुए चुनाव लड़ेगी।
सत्ताधारी महायुति गठबंधन पर निशाना साधते हुए तापसे ने टिप्पणी की कि यह गठबंधन स्वाभाविक रूप से अस्थिर है और ‘‘अपने ही बोझ तले दबकर डूब जाएगा।’’
सांगली में एमवीए नेताओं की संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राकांपा (शप) के जयंत पाटिल ने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा अगले दो से तीन दिन में होगी।
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विश्वजीत कदम भी प्रेस वार्ता में उपस्थित थे।
चुनाव को लेकर चिंता जताते हुए जयंत पाटिल ने कहा कि कुछ नगर परिषदों और नगर पंचायतों के परिणाम का इंतजार है, जबकि नए चुनावों की घोषणा की जा रही है।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने ‘‘मतदाता सूची, ‘डुप्लिकेट’ मतदाताओं और वार्ड परिसीमन के सबूत’’ को लेकर पार्टी द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
भाषा नोमान