इंदौर के घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री बोले, ‘‘दूल्हा बारात छोड़कर भाग गया, इसमें हमारी क्या गलती’’
रंजन
- 11 May 2024, 08:35 PM
- Updated: 08:35 PM
इंदौर, 11 मई (भाषा) मध्यप्रदेश के इंदौर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम के ऐन वक्त पर पर्चा वापस लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को प्रमुख विपक्षी दल पर कटाक्ष किया।
यादव ने कहा कि यह घटनाक्रम वैसा ही है, जब पूरे गांव के लोगों को शादी में भोजन का निमंत्रण दिया जाए, लेकिन विवाह से पहले ही दूल्हा बारात छोड़कर भाग जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इंदौर में चुनावी दौड़ से बाहर कांग्रेस स्थानीय मतदाताओं से "नोटा" के पक्ष में अपील करके लोकतंत्र का अपमान कर रही है।
यादव ने इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर बेटमा में भाजपा की चुनावी सभा में कहा,‘‘कांग्रेस ने लगातार माहौल बनाया कि भाजपा ने इंदौर में गलत काम कर दिया। अब इसमें हमारी क्या गलती है। यह ऐसी ही बात है कि किसी विवाह के लिए पूरे गांव के लोगों को भोजन का निमंत्रण दिया जाए और दूल्हा विवाह से पहले ही बारात छोड़कर भाग जाए।’’
उन्होंने कहा कि इंदौर के घटनाक्रम में कांग्रेस ‘‘नाकाम’’ रही है और ऐसे में वह भाजपा को क्यों कोस रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर किसी व्यक्ति का बाल-बच्चा घर से भाग जाए, तो किसकी गलती है । बाल-बच्चे आपके (कांग्रेस) हैं, तो आपको ही संभालने चाहिए।’’
बाद में यादव इंदौर शहर पहुंचे और निवर्तमान सांसद व भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी के समर्थन में पार्टी के आयोजित रोड शो में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के ‘‘इंडिया’’ गठबंधन को ‘‘घमंडिया’’ गठबंधन करार देते हुए कहा,‘‘ये घमंडी लोग 17 लाख साल पहले भगवान राम के जमाने में सोने की लंका लेकर दुनिया पर अत्याचार के लिए पैदा हुए थे। ये लोग अक्ल के दिवालियापन के चलते माता सीता के लिए अपहरण के लिए नकली भगवाधारी बनकर गए थे।’’
उन्होंने स्थानीय मतदाताओं से कांग्रेस की "नोटा" की अपील ठुकराने का आह्वान करते हुए कहा,‘‘माता सीता ने लक्ष्मण रेखा पार करने की गलती कर दी थी, लेकिन इंदौर के लोग संकल्प करें कि वे किसी भी हालत में लक्ष्मण रेखा पार नहीं करेंगे क्योंकि अब इन्होंने (कांग्रेस) नालायकी करते हुए नोटा की बात छेड़ दी है।"
यादव ने कहा कि इंदौर में कांग्रेस अपने प्रत्याशी के साथ मैदान छोड़कर पहले ही भाग चुकी है और अब लोकतंत्र का अपमान करते हुए लोगों को "नोटा" का गलत रास्ता बता रही है।
इंदौर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का गृहनगर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव में इंदौर जिले की राऊ सीट पर भाजपा प्रत्याशी मधु वर्मा के हाथों हार के बाद पटवारी लोकसभा चुनाव लड़ने से डर गए, जबकि कांग्रेस में 80 साल के नेता तक लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार है, जब कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही घुटने टेक दिए।
यादव ने कांग्रेस द्वारा सीट बंटवारे के समझौते के तहत खजुराहो लोकसभा क्षेत्र समाजवादी पार्टी के लिए छोड़ने का उल्लेख किया और कहा,"यह निर्णय बताता है कि कांग्रेस अंदर से पूरी खोखली हो चुकी है और उसे चुनाव से डर लग रहा है। बची-खुची कसर इंदौर में पूरी हो गई।"
इंदौर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने पार्टी को तगड़ा झटका देते हुए नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 29 अप्रैल को अपना पर्चा वापस ले लिया और वह इसके तुरंत बाद भाजपा में शामिल हो गए थे। नतीजतन इस सीट के 72 साल के इतिहास में कांग्रेस पहली बार चुनावी दौड़ में नहीं है।
भाषा हर्ष