सीतारमण ने आंध्र भवन में दक्षिण भारतीय छात्रों के साथ दोपहर के भोज पर किया संवाद,राजनीति पर की चर्चा
सुभाष माधव
- 11 May 2024, 08:19 PM
- Updated: 08:19 PM
(लक्ष्मी देवी एवं कुमार दीपांकर)
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तेलुगु भाषी राज्य तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मतदान से दो दिन पहले शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी स्थित आंध्र भवन का दौरा किया तथा दिल्ली विश्वविद्यालयों के कुछ छात्रों से संवाद किया।
तेलुगु भाषी दो राज्यों और तमिलनाडु, केरल तथा कर्नाटक के करीब 20 छात्रों के साथ सीतारमण ने शिक्षा एवं राजनीति से लेकर आर्थिक स्थिति जैसे विषयों पर चर्चा की, जो तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 13 मई के चुनावों से पहले संपर्क साधने की कोशिश जान पड़ती है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश, दोनों राज्यों में भाजपा अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25 सीट और विधानसभा की 175 सीट पर एक साथ 13 मई को मतदान होना है। तेलंगाना की 17 लोकसभा सीट पर भी उसी दिन मतदान होना है।
छात्रों ने जैसे ही दोपहर का भोजन करना शुरू किया, सीतारमण ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि वे ठीक से खायें।
सीतारमण ने छात्रों की थाली में बची सब्जियों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘मैं सुन रही हूं, आप कृपया खाइए।’’
घंटे भर लंबी बातचीत के दौरान वित्त मंत्री ने अपने छात्र जीवन के किस्से साझा किए।
जब एक विद्यार्थी ने मदुरै में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके जीवन के बारे में पूछा, भाजपा की वरिष्ठ नेता ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की प्रवेश परीक्षा के लिए दिल्ली की अपनी यात्रा का जिक्र किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं तीन विषयों की प्रवेश परीक्षा में शामिल हुई और अंतत: एमए अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम चुना। इसके बाद, मैंने एमबीए की उपाधि ली और पीएचडी शुरू की लेकिन उसे पूरा नहीं कर पाई।’’
चर्चा उस वक्त राजनीति के क्षेत्र में पहुंच गई, जब आंध्र प्रदेश के कडापा जिले के छात्र एवं राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी कुशल ने राजनीतिक करियर शुरू करने पर उनका सलाह मांगा।
सीतारमण ने कहा, ‘‘पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें। अपनी पढ़ाई को छोड़कर राजनीति में आना बिल्कुल गलत है। आपको राजनीति को एक वैकल्पिक करियर के रूप में रखना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत देर से राजनीति में आई और पार्टी ने मुझे अवसर दिया।’’
बातचीत के आगे बढ़ने पर, सीतारमण ने विद्यार्थियों की विभिन्न चिंताओं को दूर करने की कोशिश की।
विधि के छात्र प्रियम ने तमिल राजनीति पर बात करते हुए दिल्ली में तमिल छात्रों के भेदभाव का सामना करने की बात कही, जिसपर वित्त मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश की।
सीतारमण ने कहा, ‘‘तमिलनाडु में और अन्य जगहों पर की जाने वाली राजनीति में कोई अंतर नहीं है। हमें अपने मूल निवास स्थान और राज्य पर गर्व करना चाहिए। हमें निराश नहीं होना चाहिए।’’
दक्षिणी राज्यों के लिए एक विवादास्पद मुद्दा, लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन पर सीतारमण ने संवैधानिक प्रक्रिया पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह भाजपा की संस्था नहीं है बल्कि संवैधानिक संस्था है जो राज्यों के साथ परामर्श के बाद निर्णय लेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक विश्वसनीय संस्था निर्णय करेगी। कुछ भी निर्णय करने से पहले हमें चिंता नहीं करनी चाहिए कि दक्षिणी राज्यों को नुकसान होगा।’’
तेलुगु भाषी दो राज्यों में भाजपा की संभावना पर उन्होंने कहा, ‘‘दोनों दक्षिणी राज्यों में भाजपा गठजोड़ को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। तेलंगाना भ्रष्टाचार और झूठे वादों के चलते ऋण के बोझ तले दब गया है। मेरा मानना है कि लोग भाजपा को वोट देंगे।’’
उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि पार्टी को आंध्र प्रदेश में अच्छा-खासा समर्थन मिलेगा।
भाजपा आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और पवन कल्याण की जनसेना के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही है।
भाषा सुभाष