बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने शेख हसीना के बयानों को लेकर भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया
पारुल दिलीप
- 14 Dec 2025, 10:14 PM
- Updated: 10:14 PM
ढाका, 14 दिसंबर (भाषा) बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब कर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से दिए गए “भड़काऊ बयानों” पर “गंभीर चिंता” जताई। हसीना इस समय भारत में हैं।
हसीना (78) पिछले साल अगस्त में छात्रों के हिंसक प्रदर्शन के बाद भारत चली गई थीं। देश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। बांग्लादेश भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।
बांग्लादेश के विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, “विदेश मंत्रालय ने आज भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया और भारत सरकार को बांग्लादेश सरकार की इस गंभीर चिंता से अवगत कराया कि शेख हसीना को ऐसे भड़काऊ बयान जारी करने की अनुमति दी जा रही है, जिसमें वह अपने समर्थकों को बांग्लादेश में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा रही हैं। उनके बयानों का मकसद बांग्लादेश में आगामी संसदीय चुनावों को विफल करना है।”
बयान में कहा गया है कि बांग्लादेश हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को “जल्द से जल्द प्रत्यर्पित करने” की अपनी मांग एक बार फिर दोहराता है, ताकि वे पिछले महीने विशेष न्यायाधिकरण की ओर से सुनाई गई मौत की सजा का सामना कर सकें।
इसमें कहा गया है कि भारतीय उच्चायुक्त का ध्यान भारत में रह रहे अवामी लीग के अन्य नेताओं की ओर से की जा रही “बांग्लादेश-विरोधी गतिविधियों” की ओर भी दिलाया गया और दावा किया गया कि ये लोग आगामी चुनावों को बाधित करने के लिए “बांग्लादेश के भीतर आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने में मदद करने में शामिल हैं।”
बयान में कहा गया है, “भारत सरकार से इन फासीवादी आतंकवादियों की आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने और उन्हें जल्द से जल्द बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का आह्वान किया गया है।”
बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान 12 फरवरी को होना है। अवामी लीग ने चुनाव कार्यक्रम को खारिज कर दिया है और “स्वतंत्र एवं सभी की भागीदारी वाला” चुनाव कराने के लिए एक तटस्थ कार्यवाहक सरकार की मांग की है।
ढाका में भारतीय उच्चायुक्त को जुलाई-अगस्त 2024 में हुए विरोध-प्रदर्शनों में शामिल छात्र नेताओं में से एक शरीफ उस्मान हादी को सिर में गोली मारे जाने की घटना के दो दिन बाद तलब किया गया है। हादी की हालत गंभीर बताई जा रही है। वह दक्षिणपंथी ‘इंकलाब मंच’ का नेतृत्व करते हैं, जो भंग हो चुकी अवामी लीग के “सभी आतंकवादियों” को गिरफ्तार करने और “जुलाई योद्धाओं” की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान की अगुवाई कर रहा है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर बढ़ती आशंकाओं के मद्देनजर शनिवार को ‘ऑपरेशन डेविल हंट 2’ नाम का राष्ट्रव्यापी सुरक्षा अभियान शुरू करने का आदेश दिया।
विदेश कार्यालय के अनुसार, वर्मा से कहा गया कि ढाका हादी पर हमले में शामिल संदिग्धों को भारत जाने से रोकने के लिए नयी दिल्ली से सहयोग की अपेक्षा करता है।
कार्यालय के मुताबिक, वर्मा से कहा गया कि “अगर ये संदिग्ध भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने में सफल हो जाते हैं, तो ढाका नयी दिल्ली से उनकी तत्काल गिरफ्तारी और बांग्लादेश प्रत्यर्पण सुनिश्चित करने” का भी अनुरोध करता है।
विदेश कार्यालय ने कहा, “मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि एक पड़ोसी देश के रूप में भारत से यह अपेक्षा की जाती है कि वह न्याय सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षा करने में बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ा रहे।”
कार्यालय के अनुसार, भारतीय उच्चायुक्त ने कहा, “भारत बांग्लादेश में शांतिपूर्ण चुनावों को लेकर आशावान है और इस संबंध में सभी तरह का सहयोग देने के लिए अपने देश की तत्परता व्यक्त करता है।”
भाषा पारुल