पंजाब: कांग्रेस नेता ने सरकारी तंत्र के दुरुपयोग पर निर्वाचन आयोग की ‘निष्क्रियता’ की आलोचना की
जितेंद्र रंजन
- 13 Dec 2025, 10:29 PM
- Updated: 10:29 PM
चंडीगढ़, 13 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग पर जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में पुलिस तंत्र के घोर दुरुपयोग, मतदाताओं को डराने-धमकाने तथा चुनाव प्रक्रिया को दूषित करने के सुनियोजित प्रयासों के बारे में विस्तृत लिखित अभ्यावेदन के बावजूद कथित ‘निष्क्रियता’ का आरोप लगाया।
जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए मतदान रविवार को होगा। बाजवा ने एक बयान में कहा कि गुरदासपुर जिले के संवेदनशील मतदान केंद्रों पर हिंसा, बूथ पर कब्जा, धांधली और पक्षपात को लेकर गंभीर आशंकाओं को दर्ज करने के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त को औपचारिक रूप से पत्र लिखे जाने के बाद भी 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है।
उन्होंने पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती, त्वरित प्रतिक्रिया दल, आयोग की वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग के साथ अनिवार्य सीसीटीवी कवरेज और उम्मीदवारों को फुटेज तक पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की थी ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
बाजवा ने कहा कि स्थिति की गंभीरता और जारी चुनाव प्रक्रिया के बावजूद आयोग सी द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि उन्होंने आयोग से अलमा गांव की एक घटना पर भी संज्ञान लेने को कहा है, जहां पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व के कथित इशारे पर कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के घर पर ‘धमकाने के इरादे से’ छापा मारा।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर ‘राजनीतिक दबाव’ में काम करने का आरोप लगाया।
बाजवा ने कहा कि परिवार की महिला सदस्यों को परेशान किया गया, जबरन तलाशी ली गई और कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, जिससे विपक्षी कार्यकर्ताओं को ‘आतंकित’ करने का स्पष्ट इरादा सामने आता है।
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने पक्षपाती पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई और तत्काल तबादले की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस अधिकारियों की निरंतर उपस्थिति कादियान निर्वाचन क्षेत्र में चुनावों की निष्पक्षता को नष्ट कर देगी। बाजवा ने कहा, “इन गंभीर शिकायतों के बावजूद निर्वाचन आयोग की चुप्पी एक खतरनाक संकेत देती है और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की सरकार को अधिक मजबूत बनाती है।”
भाषा जितेंद्र