पंजाब विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री-राज्यपाल देने के साथ शिक्षा के मानकों को मजबूत कर रहा:उपराष्ट्रपति
सुमित संतोष
- 13 Dec 2025, 08:58 PM
- Updated: 08:58 PM
चंडीगढ़, 13 दिसंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के कुलाधिपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि 143 साल की विरासत वाला यह विश्वविद्यालय देश में शिक्षा के मानकों को लगातार मजबूत कर रहा है।
वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विश्वविद्यालय के 73वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राधाकृष्णन ने कहा कि इस संस्थान ने प्रधानमंत्रियों, राज्यपालों, मुख्य न्यायाधीशों, सांसदों और वैज्ञानिकों सहित कई गणमान्य व्यक्ति दिए हैं, जो गर्व से इसे अपना ‘अल्मा मैटर‘ कहते हैं।
विश्वविद्यालय के वैश्विक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण और मिशन ‘भविष्योन्मुख, वैश्विक दृष्टिकोण के अनुरूप और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक’ है।
उन्होंने कहा कि पीयू का दृष्टिकोण राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि पीयू ने पिछले पांच वर्षों में 11,000 शोध पत्र प्रकाशित किए जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने छात्रों को डिजिटल इंडिया जैसे प्रधानमंत्री मोदी के अभियानों से प्रेरणा लेते हुए नवाचार को भारतीय ज्ञान प्रणालियों से जोड़ने का आह्वान किया, क्योंकि अब भारत केवल प्रौद्योगिकी का उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि सृजनकर्ता बन रहा है।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने सराहना करते हुए कहा कि आज स्नातक होने वालों में से लगभग 75 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तीकरण का सशक्त प्रमाण है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों डॉ. मनमोहन सिंह, आई के गुजराल और ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, क्रिकेटर कपिल देव, नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. हरगोबिंद खुराना, अभिनेता अनुपम खेर और किरण खेर तथा दिवंगत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जैसे प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों का उल्लेख किया।
अपने संबोधन में कुलपति रेणु विग ने कहा कि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक और अनुसंधान स्तर को लगातार मजबूत कर रहा है। हाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने 33 पेटेंट, प्रमुख अनुसंधान अनुदान, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार, पूर्व छात्रों का मजबूत समर्थन और खेलो इंडिया 2025 प्रतियोगिताओं में प्रभावशाली प्रदर्शन का उल्लेख किया।
दीक्षांत समारोह के दौरान, प्रो. के. एन. पाठक और डॉ. विजय पी. भाटकर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि प्रदान की गई, जबकि न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल को डॉक्टर ऑफ लॉज की उपाधि से सम्मानित किया गया।
‘पीयू विज्ञान रत्न पुरस्कार’ प्रो. प्रदीप थलप्पिल को, ‘पीयू खेल रत्न पुरस्कार’ सरबजोत सिंह को और ‘पीयू साहित्य रत्न पुरस्कार’ अमरजीत ग्रेवाल को प्रदान किया गया।
भाषा सुमित