भारत और चीन के अधिकारियों ने द्विपक्षीय संबंधों पर नए दौर की बातचीत की
सुमित नेत्रपाल
- 13 Dec 2025, 12:30 AM
- Updated: 12:30 AM
(के जे एम वर्मा)
बीजिंग, 12 दिसंबर (भाषा) भारत और चीन के विदेश मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बीजिंग में नए दौर की बातचीत की, जिसमें अगस्त में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई बैठक के बाद द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक प्रगति की पुष्टि की गई।
चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विदेश मंत्रालय के पूर्वी एशिया प्रभाग के संयुक्त सचिव सुजीत घोष और चीनी विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक लियू जिनसोंग ने बृहस्पतिवार को बातचीत की।
इसमें कहा गया कि दोनों पक्षों ने चीन-भारत संबंधों में हाल में हुई सकारात्मक प्रगति की पुष्टि की और अगस्त में तियानजिन में हुई मुलाकात के दौरान मोदी तथा चिनफिंग के बीच हुए महत्वपूर्ण साझा समझौतों को पूरी तरह से लागू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इन चर्चाओं को ‘‘रचनात्मक और दूरंदेशी’’ बताया।
दोनों पक्षों ने जन-केंद्रित जुड़ावों को प्राथमिकता देते हुए द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और मजबूत बनाने की प्रगति का सकारात्मक मूल्यांकन किया।
भारतीय पक्ष ने आगामी वर्ष के लिए नियोजित आदान-प्रदान और गतिविधियों का जायजा लिया, साथ ही निर्यात नियंत्रण से संबंधित लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी संक्षिप्त रूप से चर्चा की गई।
बाद में घोष ने चीनी उप विदेश मंत्री सन वेइडोंग से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान, वेइडोंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति चिनफिंग ने एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में एक सफल बैठक की, जिसमें चीन-भारत संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों पक्ष अपने नेताओं के बीच हुए महत्वपूर्ण साझा समझौतों को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे, एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाएंगे, आपसी विश्वास का निर्माण करेंगे, ठोस प्रयास करेंगे, सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर काम करेंगे, एक-दूसरे का सम्मान करेंगे, मतभेदों का उचित प्रबंधन करेंगे और चीन-भारत संबंधों के निरंतर विकास को बढ़ावा देंगे।
इसमें घोष के हवाले से कहा गया कि भारत-चीन संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया कि भारत दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में चीन के साथ मिलकर संस्थागत संवाद को फिर से शुरू करने, आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करने तथा भारत-चीन संबंधों के विकास की गति को सुदृढ़ करने के लिए तैयार है।
घोष ने चीनी वाणिज्य मंत्रालय के महानिदेशक (एशियाई मामले) से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय व्यापार तथा वाणिज्यिक मुद्दों पर चर्चा की।
भाषा सुमित