जुबिन गर्ग मौत: एसआईटी के आरोपपत्र में चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया
राजकुमार धीरज
- 12 Dec 2025, 07:40 PM
- Updated: 07:40 PM
(तस्वीरों के साथ)
गुवाहाटी, 12 दिसंबर (भाषा) गायक जुबिन गर्ग की मौत की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को यहां की अदालत में दाखिल आरोपपत्र में उनके सचिव सिद्धार्थ शर्मा और महोत्सव के आयोजक श्यामकानु महंत सहित चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।
वकीलों ने बताया कि जुबिन के बैंड के सदस्यों-शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रवा महंत पर भी हत्या का आरोप लगाया गया है।
श्यामकानु महंत सिंगापुर में आयोजित किये गये नार्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (एनईआईआर)का मुख्य आयोजक था और इसी में हिस्सा लेने जुबिन द्विपीय देश गए थे। उनकी 19 सितंबर को समुद्र में तैरते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी।
वकीलों ने बताया कि शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल 3,500 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया गया जिसमें जुबिन के रिश्ते के भाई और असम पुलिस के निलंबित अधिकारी संदीपन गर्ग के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।
वकीलों ने बताया कि गायक के दो निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य को बीएनएस की धारा 31सी के तहत आरोपी बनाया गया है। यह धारा सौंपे गए धन या संपत्ति का गबन कर आपराधिक विश्वासघात करने से जुड़ा है।
एसआईटी ने जुबिन की मौत के सिलसिले में अबतक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के तहत 300 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किये गये हैं।
असम सरकार ने जुबिन की मौत की जांच के लिए विशेष पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम पी गुप्ता के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
सिंगापुर पुलिस बल (एसपीएफ) भी जुबिन की मौत की जांच कर रहा है। एसपीएफ ने एक बयान में कहा था कि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का संकेत नहीं मिला है तथा मामले की जांच में और तीन महीने तक का समय लग सकता है।
मुख्यमंत्री हिमंता हिमंत विश्व शर्मा ने कोकराझार में संवाददाताओं से कहा कि जुबिन की मौत के संबंध में राज्य की जनता से किया गया वादा एसआईटी ने‘निर्धारित समय सीमा से पहले’ ही आरोपपत्र दाखिल करके पूरा कर दिया है।
शर्मा ने कहा, ‘‘हमने जुबिन को न्याय सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली थी और एसआईटी द्वारा आज रिकॉर्ड समय में अदालत में आरोपपत्र दाखिल करके इसे पूरा किया गया।’’
मुख्यमंत्री ने हाल में संपन्न विधानसभा सत्र में दावा किया था कि गर्ग की मौत ‘स्पष्ट रूप से हत्या’ थी।
भाषा राजकुमार