कंबोडिया, लाओ पीडीआर और म्यांमा से करीब 6,700 भारतीय नागरिकों को मुक्त कराया गया : सरकार
अविनाश सुभाष
- 11 Dec 2025, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि सरकार के संज्ञान में है कि कुछ संदिग्ध फर्म भारतीय नागरिकों को ज्यादातर सोशल मीडिया के जरिए प्रलोभन देकर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ले जाकर उनसे साइबर अपराध और अन्य धोखाधड़ी गतिविधियां करवाती हैं।
उन्होंने कहा कि कंबोडिया, लाओ पीडीआर और म्यांमा से 6,700 से अधिक भारतीय नागरिकों को मुक्त कराया गया है।
सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ संदिग्ध फर्म, फर्जी भर्ती नौकरियों के प्रस्तावों में संलिप्त हैं और जो भारतीय नागरिकों को अधिकांशतः सोशल मीडिया के माध्यम से प्रलोभन देकर कंबोडिया, म्यांमार, लाओ पीडीआर सहित दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ले जाकर उनसे इन देशों में संचालित केंद्रों से साइबर अपराध और अन्य धोखाधड़ी गतिविधियां करवाती हैं।’’
उन्होंने कहा कि इन देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सही संख्या ज्ञात नहीं है क्योंकि भारतीय नागरिक अपनी इच्छा से धोखेबाज व बेईमान भर्ती एजेंटों और अवैध माध्यमों से इन केंद्रों तक पहुंचते हैं।
सिंह ने कहा कि सरकार विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा भारत सरकार ने समय-समय पर उन देशों की सरकार के साथ राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को उठाया है।
उन्होंने कहा कि मिशन/केंद्र, स्थानीय विदेश मंत्रालय और मेजबान देश की अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियों जैसे आव्रजन, श्रम विभाग, गृह मंत्रालय, रक्षा और सीमा मामलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भारतीय नागरिकों के बचाव और प्रत्यावर्तन के मुद्दे को सक्रिय रूप से उठाते हैं।
सिंह ने कहा कि कंबोडिया, लाओ पीडीआर और म्यांमा स्थित भारतीय दूतावासों के समन्वित प्रयासों से, अब तक 6,700 से अधिक भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। उन्होंने बताया कि कंबोडिया से 2,265, लाओ पीडीआर से 2,290 और म्यांमा से 2,165 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि एक जनवरी 2024 से 30 नवंबर 2025 के बीच विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों से कुल 16,127 शिकायतें मिलीं।
उन्होंने बताया कि मदद मंच पर 11,195 और सीपीग्राम्स पर 4,932 शिकायतें मिलीं।
भाषा अविनाश