प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी भाषण में होती हैं खोखली बातें: प्रियंका गांधी
योगेश माधव
- 11 May 2024, 05:53 PM
- Updated: 05:53 PM
नंदूरबार (महाराष्ट्र), 11 मई (भाषा) कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनावी भाषणों को ‘‘खोखली बातें’’ करार दिया और कहा कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी के साहस और दृढ़ संकल्प जैसे गुणों को अपनाने चाहिए।
वह नंदूरबार लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार गोवाल पाडवी के समर्थन में यहां एक जनसभा को संबेधित कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी आदिवासियों की संस्कृति एवं परम्परा का सम्मान नहीं करती।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन पहले इस आदिवासी बहुल निर्वाचन क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित किया था।
प्रियंका ने कहा, ''मोदी जी भी बोलते हैं वे खोखली बातें हैं जिनमें कोई वजन नहीं होता।''
उन्होंने कहा, ‘‘कल प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह शबरी का सम्मान करते हैं। तो वह तब चुप क्यों थे, जब कई शबरी बहनों को उन्नाव और हाथरस में अत्याचार सहना पड़ा?’’
उन्होंने यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने तब उंगली क्यों नहीं उठाई जब महिला पहलवान उत्पीड़न के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रही थीं, लेकिन भाजपा ने आरोपी व्यक्ति के बेटे को टिकट दे दिया।
उन्होंने कहा, भगवान राम आम लोगों का सम्मान करते थे और उनकी इच्छाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध थे।
प्रियंका गांधी ने कहा, "आप कैसा नेता चाहते हैं? ऐसा व्यक्ति जो 4,000 किमी चलकर आपकी समस्याओं को समझने के लिए आपके पास आए या ऐसा नेता जिसके कुर्ते पर आपको धूल के निशान भी नहीं मिलेंगे और जो आपके पास आने से डरता है। क्या आप ऐसा नेता चाहते हैं, जो आपके आंसू पोछता है या वह जो मंच पर घड़ियाली आंसू बहाता है। क्या आप ऐसा नेता चाहते हैं जो निडर हो और दबाव के बावजूद सच बोलता हो या वह जो हमेशा झूठ बोलता हो।''
उन्होंने लोगों से यह भी पूछा कि क्या वे सिद्धांतों, सेवा और समर्पण की राजनीति चाहते हैं या सत्ता और आत्म-गौरव की राजनीति चाहते हैं।
नंदूरबार के साथ अपने परिवार के पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने हमेशा अपना चुनाव अभियान यहीं से शुरू किया था।
उन्होंने कहा, " मेरी मां ने आपका सम्मान करना इंदिरा गांधी से सीखा। सोनिया गांधी ने जल और जंगलों पर आपके अधिकारों की रक्षा के लिए काम किया।"
उन्होंने कहा, ‘‘इंदिरा गांधी लोगों की समस्याओं को समझने के लिए उनके घरों में सिर झुकाकर जाती थीं और राहुल गांधी लोगों की आकांक्षाओं एवं भावनाओं को समझने के लिए देश भर में गए, लेकिन मुझे मोदी जी की एक तस्वीर दिखाइए जिसमें वे आदिवासियों और गरीबों के घर जाकर उनकी समस्याओं को समझ रहे हैं। वह केवल अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आपके पास आते हैं। अगर प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके बैंक खातों में 15 लाख रुपये और दो करोड़ रुपये जमा किए जाएंगे'' लोगों को रोजगार मिलेगा, तो ये 10 साल में हो जाना चाहिए था।''
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति और परंपरा का सम्मान करना राजनीतिक नेताओं का कर्तव्य है, लेकिन भाजपा के मन में इनके लिए कोई सम्मान नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नए संसद भवन का उद्घाटन करने और अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब वास्तव में सम्मान देने की बात आती है, तो प्रधानमंत्री पीछे हट जाते हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा,"वह कहते हैं कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ अकेले लड़ रहे हैं... आपके (प्रधानमंत्री) पास सारी शक्ति और आधिकारिक मशीनरी है। आपकी पार्टी के नेता कहते हैं कि आप दुनिया के सबसे बड़े नेता हैं और विश्व भर के राष्ट्राध्यक्षों का समर्थन प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन आप चुनाव के दौरान बच्चों की तरह रोते हुए कहते हैं कि आपके प्रति अपशब्द कहे गये... हिम्मत रखें मोदीजी, यह सार्वजनिक जीवन है।''
उन्होंने कहा, "इंदिरा गांधी से सीखें...दुर्गा जैसी महिला, जिसने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए। उनकी बहादुरी, साहस और दृढ़ संकल्प से सीखें, लेकिन आप तो उन्हें राष्ट्रविरोधी कहते हैं, आप उनसे क्या सीख सकते हैं।"
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि लोगों की समस्याओं को सुनने के बजाय प्रधानमंत्री शिकायत करते हैं कि उन्हें कैसे निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "राजनीति लोगों की सेवा करने का एक माध्यम है, जबकि मोदी जी ने राजनीति को अपने लिए सत्ता हासिल करने का जरिया बना लिया है।"
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को गरीबों का नहीं बल्कि अरबपतियों का 'मसीहा' बताते हुए उन पर शीर्ष पद की गरिमा को कम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "यह वास्तविकता को देखने और उसके अनुसार मतदान करने का समय है। अपनी सरकार सावधानी से चुनें, आप किस तरह का नेता और सरकार चाहते हैं। यदि आप गलत निर्णय लेते हैं, तो देश जिस दिशा में जा रहा है उसे कोई नहीं रोक सकता।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति की बुनियाद सच्चाई के रास्ते पर चलना और यह ध्यान में रखना है कि भारत के लोग सर्वोच्च हैं।
उन्होंने कहा कि नींव महात्मा गांधी ने रखी थी और कांग्रेस के कई नेताओं ने उस सिद्धांत का पालन किया है।
उन्होंने दावा किया, "भाजपा के कई नेता संविधान बदलने की बात क्यों करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने अनुमति दी है।"
भाषा
योगेश