इटली का पुराना व भरोसेमंद मित्र है भारत : उप प्रधानमंत्री ताजानी
निहारिका नरेश
- 10 Dec 2025, 05:57 PM
- Updated: 05:57 PM
नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) इटली के उप प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि भारत की वृद्धि में इटली महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए औद्योगिक सहयोग, संयुक्त उद्यम एवं सह-विकास परियोजनाओं को मजबूत करने पर विचार कर रहा है।
ताजानी अमेरिका की शुल्क नीतियों के मद्देनजर दुनिया भर में व्यापार संबंधों के पुनर्गठन की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। उनके पास विदेश मंत्रालय का प्रभार भी है।
‘पीटीआई-भाषा’ के लिए विशेष रूप से लिखे गए एक लेख में उप प्रधानमंत्री ने कहा कि इतालवी विदेश मंत्रालय ने स्थानीय बाजार में प्रवेश करने और संयुक्त उद्यम बनाने वाली इतालवी कंपनियों का समर्थन करने के लिए भारत के लिए 50 करोड़ यूरो की एक समर्पित वित्तपोषण सुविधा (लाइन) शुरू की है।
उन्होंने कहा, ‘‘ अपनी इस यात्रा के माध्यम से मैं भारत में इटली की और इटली में भारत की मौजूदगी बढ़ाना चाहता हूं। भारत एक विशाल बाजार है, एक तेजी से विकसित होती आर्थिक शक्ति है। बुनियादी ढांचे से लेकर नई प्रौद्योगिकियों तक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं से लेकर अंतरिक्ष तक विभिन्न क्षेत्रों में इसकी उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘ इतालवी कंपनियां इस असाधारण अवसरों से भरपूर देश में तेजी से रुचि दिखा रही हैं। मेरा मुख्य लक्ष्य उन्हें महत्वाकांक्षी और ठोस परिणाम प्राप्त करने में मदद करना है।’’
ताजानी ने भारत को ‘‘प्राथमिकता’’ वाला देश बताया और उसे इटली का ‘‘लंबे समय से भरोसेमंद मित्र’’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि भारत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक ‘‘ रणनीतिक साझेदार’’ है और अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश एवं नवाचार के क्षेत्रों में एक विशेषाधिकार प्राप्त वार्ताकार है।
इटली, भारत का यूरोप में एक प्रमुख साझेदार है और पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष नवंबर में दोनों पक्षों ने रक्षा, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा एवं संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विशिष्ट पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए एक महत्वाकांक्षी पांच वर्षीय रणनीतिक कार्य योजना पेश की थी।
दोनों देशों के बीच वर्तमान में वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार करीब 14 अरब यूरो है और दोनों पक्ष एक मजबूत व्यापार ढांचे के तहत इसे बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत हैं।
इस लेख में उप प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में इतालवी विशेषज्ञता को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने के लिए एक ‘निर्यात योजना’ भी शुरू की है और ‘‘भारत रणनीतिक रूप से हमारी प्राथमिकता वाले देशों में से एक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एक वर्ष में 50 करोड़ यूरो का अतिरिक्त इतालवी निवेश हमारी कंपनियों की प्रतिबद्धता का एक ठोस संकेत है।’’
उप प्रधानमंत्री ने कहा कि इटली की निर्यात ऋण एजेंसी ने पहले से जारी की गई दो अरब यूरो से अधिक की गारंटी के अतिरिक्त, स्थानीय मुद्रा में देश में अपना निवेश करीब 20 करोड़ यूरो तक बढ़ा दिया है।
ताजानी ने कहा कि इटली न केवल अधिक निर्यात करना चाहता है बल्कि औद्योगिक सहयोग, संयुक्त उद्यम, सह-विकास और सह-उत्पादन परियोजनाओं को बढ़ाने का भी लक्ष्य रखता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा मानना है कि अधिक व्यापार का अर्थ दोनों पक्षों के लिए अधिक निवेश भी है। अप्रैल और जून में दो व्यापार मंचों के बाद, अब हम प्रमुख विशिष्ट क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं और संपर्कों को अनुबंधों में बदलना चाहते हैं। इसके लिए यह समय बिल्कुल सही है। ’’
उप प्रधानमंत्री ने कहा कि इटली बहुप्रतीक्षित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का पूरी तरह से समर्थन करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम बहुप्रतीक्षित यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के करीब हैं। इटली ने हमेशा एक महत्वाकांक्षी, संतुलित तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते का समर्थन किया है। हमारा मानना है कि यह हमारे उद्यमियों तथा कंपनियों (खासतौर पर लघु एवं मझोले उद्यमों जो हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं) के लिए बेहतर एवं व्यापक अवसर प्रदान कर सकता है।’’
ताजानी ने कहा कि भारत-इटली के व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने की गुंजाइश है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम भारत से इटली सहित अपने व्यापार एवं निवेश लेन-देन को बढ़ा और संतुलित कर सकते हैं।”
मंत्री ने कहा, ‘‘ हम एक स्थिर देश हैं। यूरोप में दूसरे सबसे बड़े विनिर्माता हैं और हम भारतीय उद्योग एवं विनिर्माण विशेष रूप से मशीनरी व उद्योग की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह केवल उत्पादों का मामला नहीं है, बल्कि प्रौद्योगिकी समाधानों का भी है।’’
ताजानी ने कहा कि इतालवी कंपनियां ‘डिजाइन’ से लेकर उन्नत विनिर्माण तक, कृषि मशीनरी से लेकर इंजीनियरिंग सेवाओं तक, रक्षा उद्योग से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा और पुनर्चक्रण तक कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में अग्रणी हैं।
उन्होंने कहा,‘‘हमारी दोनों सरकारों ने 2025-2029 के लिए एक संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना तैयार की है। इटली और भारत इसके पूर्ण कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। आज यह हमारी मित्रता और सहयोग के लंबे एवं आशाजनक सफर की ओर एक और कदम है।’’
भाषा
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