मरीज की मौत के बाद परिजनों ने पुणे के अस्पताल में तोड़फोड़ की
राखी पवनेश
- 10 Dec 2025, 05:52 PM
- Updated: 05:52 PM
पुणे, 10 दिसंबर (भाषा) पुणे शहर में बुधवार को उपचार के दौरान एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल पर पथराव कर उसके मुख्य प्रवेश द्वार को क्षतिग्रस्त कर दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मरीज के परिजनों ने जहां लापरवाही का आरोप लगाया, वहीं अस्पताल प्रबंधन ने तोड़फोड़ की निंदा करते हुए कहा कि वह “उच्च जोखिम” वाले मामलों के प्रबंधन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों का पालन करता है।
एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना शहर के हडपसर इलाके में हुई।
अधिकारी ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि सह्याद्री अस्पताल में भर्ती एक मरीज की इलाज के दौरान मौत के बाद उसके परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की।
हडपसर थाने के अधिकारी ने बताया, "गुस्साई भीड़ ने पथराव कर सह्याद्री अस्पताल के कांच के मुख्य प्रवेश द्वार को क्षतिग्रस्त कर दिया।"
उन्होंने आगे बताया कि पुलिसकर्मी तुरंत अस्पताल पहुंचे और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है।
मरीज के बेटे ने मीडिया को बताया कि अल्सर से संबंधित बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में उनका ऑपरेशन हुआ था।
उन्होंने कहा, "मेरे पिता की सेहत में सुधार हो रहा था, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें व्हीलचेयर पर बिठा दिया, जिससे उनके टांके टूट गए। उनकी हालत बिगड़ती चली गई और मंगलवार रात उनकी मृत्यु हो गई।"
अस्पताल ने एक बयान में कहा कि 76 वर्षीय मरीज को 28 नवंबर को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल ने कहा कि मरीज की स्थिति अत्यधिक गंभीर होने के कारण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के व्यापक प्रयासों और सभी उपयुक्त, साक्ष्य-आधारित चिकित्सा प्रोटोकॉल अपनाए जाने के बावजूद, उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और सुबह उनकी मौत हो गई।
बयान में कहा गया, ‘ऐसे उच्च-जोखिम वाले मामलों के प्रबंधन के लिए स्थापित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार सभी चिकित्सीय और नैदानिक निर्णय कड़ाई के साथ लिए गए थे।''
अस्पताल ने कहा कि वह मरीज की मौत से दुखी है और हर संभव तरीके से परिवार का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह अपने परिसर में हुई हिंसक घटना की कड़ी निंदा करता है।
अस्पताल ने कहा कि हम संपत्ति के नुकसान के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहे हैं, क्योंकि तोड़फोड़ के कारण मरीजों उनके परिवारों व चिकित्सकीय कर्मियों के लिए जोखिम उत्पन्न हुआ।
भाषा राखी