बेंगलुरु: आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर व्यक्ति से 48 लाख रुपये ठगने के आरोप में दो लोग गिरफ्तार
देवेंद्र पारुल
- 10 Dec 2025, 04:04 PM
- Updated: 04:04 PM
बेंगलुरु, 10 दिसंबर (भाषा) कर्नाटक के बेंगलुरु शहर के एक निवासी को उच्च गुणवत्ता वाली आयुर्वेदिक दवाएं उपलब्ध कराने के बहाने उससे 48 लाख रुपये ठगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान विजय प्रधान चित्तौड़िया (42) और मनोज सिंह (29) के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के सांगली जिले के मिराज तालुक के मूल निवासी हैं।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के पास से 17 तरह की आयुर्वेदिक दवाएं, अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल टेंपो ट्रैवलर और 19.50 लाख रुपये नकदी जब्त की गई है।
पुलिस ने बताया कि जब्त की गई दवाओं, नकदी और वाहन का कुल मूल्य लगभग 23.50 लाख रुपये है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और देश के अन्य हिस्सों में सड़क किनारे तंबू लगाकर विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के नाम पर घटिया गुणवत्ता वाली दवाएं बेचकर लोगों को धोखा दे रहे थे।
अधिकारी के अनुसार, यह मामला 22 नवंबर को तब सामने आया, जब व्हाइटफील्ड निवासी पीड़ित ने ज्ञानभारती पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में पीड़ित ने कहा कि तीन साल पहले शादी के समय से ही वह यौन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था। उसने कहा कि इलाज की तलाश में वह केएलई लॉ कॉलेज के पास सड़क किनारे लगाए गए एक तंबू में पहुंचा, जहां मूत्र संबंधी बीमारियों की दवाएं बेची जा रही थीं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘तंबू में मौजूद एक व्यक्ति ने पीड़ित को बताया कि उसके ‘गुरुजी’ ऐसी समस्याओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध कराते हैं। ‘गुरुजी’ को मौके पर बुलाया गया और पीड़ित से मिलवाया गया। ‘गुरुजी’ ने दावा किया कि वह एक से दो लाख रुपये प्रति ग्राम की कीमत वाली उच्च गुणवत्ता वाली दवा उपलब्ध करा सकते हैं और पीड़ित से 48 लाख रुपये वसूल लिए।’’
हालांकि, अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर घटिया गुणवत्ता वाली दवा की आपूर्ति की, जिससे पीड़ित के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर ज्ञानभारती पुलिस थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि खुद को ‘गुरुजी’ के रूप में पेश करने वाला विजय तेलंगाना के महबूबनगर में है, जहां से उसे 27 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान विजय ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और अपने साथी की पहचान भी बता दी, जिसके बाद मनोज को एक दिसंबर को तेलंगाना के साइबराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया।
भाषा देवेंद्र