पंजाब कांग्रेस के 70 प्रतिशत, एआईसीसी के 90 प्रतिशत लोग मेरे साथ, ‘चोरों’ का समर्थन नहीं: नवजोत कौर
देवेंद्र पवनेश
- 09 Dec 2025, 09:30 PM
- Updated: 09:30 PM
चंडीगढ़, नौ दिसंबर (भाषा) ‘‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’’ वाली टिप्पणी के चलते पार्टी से निलंबित किए जाने के एक दिन बाद नवजोत कौर सिद्धू ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें कांग्रेस की पंजाब इकाई के 70 प्रतिशत और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के 90 प्रतिशत लोगों का समर्थन प्राप्त है।
कौर ने कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा पर भी निशाना साधा, जिन्होंने अपने खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर उन्हें (कौर) कानूनी नोटिस भेजा है।
उन्होंने रंधावा पर राजस्थान में पार्टी टिकट बेचने और तस्करों से संबंध रखने का भी आरोप लगाया।
रंधावा ने पार्टी की निलंबित नेता नवजोत कौर को मंगलवार को कानूनी नोटिस भेजा और उनसे ‘‘अपमानजनक’’ टिप्पणी के लिए माफी मांगने या कानूनी कार्रवाई का सामना करने को कहा।
कौर कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं।
कांग्रेस ने कौर को ‘‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’’ वाली उनकी टिप्पणी के लिए सोमवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था, जिससे राजनीतिक विवाद छिड़ गया था।
अपने निलंबन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कौर ने कहा कि नोटिस एक ऐसे व्यक्ति की ओर से आया है, जिनके पास कोई मान्यता नहीं है और ऐसे कई नोटिस जारी किए जाते रहे हैं।
कौर ने पटियाला में पत्रकारों से कहा कि वह पार्टी आलाकमान के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी (आलाकमान) के साथ उचित चर्चा की जा रही है। लेकिन हमारी एक शर्त है कि हम ‘चोरों’ का समर्थन नहीं करेंगे।’’
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘अगर आप सरकार बनाना चाहते हैं, तो कांग्रेस में चार-पांच लोग हैं जो पार्टी को बर्बाद कर रहे हैं। यदि आप उन्हें दरकिनार करने को तैयार हैं, तो हम इस पर विचार करेंगे।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या निलंबन के बाद उन्हें कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है, उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा समर्थन प्राप्त है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब कांग्रेस के 70 प्रतिशत से अधिक लोग मेरे साथ हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के 90 प्रतिशत लोग मेरे साथ हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने अपने खिलाफ कार्रवाई के बाद आलाकमान से बात की, उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी कुछ भी साझा नहीं करूंगी।’’
रंधावा पर निशाना साधते हुए कौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद ने कभी भी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ आवाज नहीं उठाई और न ही कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया।
उन्होंने पार्टी के राजस्थान प्रभारी रंधावा की आलोचना करते हुए आरोप लगाया, ‘‘रंधावा, जो इस समय बहुत कुछ बोलने की कोशिश कर रहे हैं, अपनी पत्नी की जीत (डेरा बाबा नानक उपचुनाव में) सुनिश्चित नहीं कर सके। आपने उनकी (नवजोत सिद्धू की) पीठ में छुरा घोंपा है। आपके तस्करों से संबंध हैं। राजस्थान में उन्होंने टिकट के लिए पैसे लिए।’’
कौर ने कहा कि उन्होंने पंजाब से संबंधित मुद्दों को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के समक्ष उठाया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहती थी कि राहुल गांधी यहां आएं और इन मुद्दों को उठाकर नायक बनें, लेकिन उनके आस-पास के लोगों ने उन्हें गुमराह किया। इस बीच, राज्यपाल ने मुझे मुलाकात के लिए समय दिया, जहां मैं चाहती थी कि गांधी प्रतिनिधित्व दें क्योंकि यह पंजाब की जीत का मुद्दा है।’’
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के निजी सहायकों (पीए) ने उन्हें आने नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेताओं ने राहुल के पीए को ‘‘खरीद’’ लिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वे सिद्धू परिवार को दूर रखने के लिए पैसे बांटते हैं।
कौर ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या आयकर विभाग नवजोत सिंह की जांच भी कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास न तो काला धन है और न ही हमने पंजाब में कोई संपत्ति खरीदी है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या आलाकमान उनका समर्थन करेगा, उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सच कहा।’’
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हम 2027 में पंजाब और पंजाबियत के लिए सरकार बनाएंगे।’’
कौर ने दावा किया, ‘‘अनिल जोशी पैसे देकर इसमें (कांग्रेस) शामिल हुए थे। और पता चला है कि वह निराश होकर अकाली दल में वापस जा रहे हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या सिद्धू परिवार चार साल तक चुप रहा, उन्होंने कहा कि डॉक्टरों द्वारा कैंसर मुक्त घोषित किए जाने के बाद वह राजनीति में लौट आईं और लोगों से मिलीं तथा उनकी आवाज बनीं।
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘हम उन आधारों पर कभी समझौता नहीं करेंगे जहां हम पंजाब और पंजाबियत की रक्षा नहीं कर सकते।’’
यह पूछे जाने पर कि यदि उनके पति को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाता है तो क्या वह सक्रिय राजनीति में लौटेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन्हें मना सकती हूं।’’
उन्होंने कहा कि फलहाल सिद्धू ताजा घटनाक्रम से दूर हैं। उन्होंने कहा कि पहले उन (नवजोत सिंह सिद्धू) पर कांग्रेस को बर्बाद करने का आरोप लगा था, फिर उन्होंने खुद को इससे दूर कर लिया।
अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कौर ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खिलाफ हमला बोला था और आरोप लगाया था, “मैं एक असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार, नैतिक रूप से बेईमान और भ्रष्ट अध्यक्ष के साथ खड़े होने से इनकार करती हूं।’’
उन्होंने कहा था, “मैं अपने उन सभी भाइयों और बहनों के साथ खड़ी हूं जो उनकी अक्षमता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से आहत हुए हैं। मैं उन्हें अध्यक्ष के रूप में स्वीकार करने से इनकार करती हूं। मुझे आश्चर्य है कि मुख्यमंत्री उन्हें क्यों बचा रहे हैं?”
भाषा
देवेंद्र