शिवसेना (उबाठा) नेता ने सत्तारूढ़ दल के विधायकों से ‘जुड़े’ वीडियो पोस्ट किए
अमित दिलीप
- 09 Dec 2025, 09:33 PM
- Updated: 09:33 PM
मुंबई, नौ दिसंबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) नेता अंबादास दानवे ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो पोस्ट किए, जिनमें कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के एक विधायक नकदी के बंडलों के बीच बैठे एक अन्य व्यक्ति के साथ वीडियो कॉल पर बात करते दिखते हैं।
महाराष्ट्र विधान परिषद में पूर्व नेता प्रतिपक्ष दानवे ने दावा किया कि नोट के ये बंडल सत्तारूढ़ दलों के विधायकों के हैं, वहीं शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि ये कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से छेड़छाड़ करके बनाए गए वीडियो हैं।
शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने सवाल किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार वीडियो में दिख रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।
दानवे ने यह आरोप राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान और स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के समाप्त होने के कुछ दिन बाद लगाया है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) विधायक शशिकांत शिंदे ने दिन के दौरान यह मुद्दा विधान परिषद में उठाया और जांच की मांग की।
इनमें से चार सेकंड के एक बिना आवाज वाले वीडियो में शिवसेना विधायक महेंद्र दलवी को एक वीडियो कॉल पर कथित रूप से बात करते हुए देखा जा सकता है। दूसरी तरफ, मौजूद व्यक्ति का चेहरा दिखाई नहीं देता और वह अपने सामने नोट के बंडल रखे दिखता हैं। नौ और 13 सेकंड के दो अन्य वीडियो में लाल टी-शर्ट और जींस पहने व्यक्ति को नोट के बंडलों के साथ देखा जा सकता है, लेकिन उसका चेहरा दिखाई नहीं देता।
महेंद्र दलवी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि उनका इन वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है।
दानवे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इस सरकार के पास किसानों का कर्ज माफ करने के लिए पैसे नहीं हैं। मुख्यमंत्री (देवेंद्र) फडणवीस, (उपमुख्यमंत्री एकनाथ) शिंदे, कृपया लोगों को बताएं कि यह विधायक कौन है और नोटों के बंडलों के साथ क्या कर रहा है।”
बाद में शिवसेना (उबाठा) नेता ने किसी का नाम लिए बिना संवाददाताओं से कहा, “वीडियो में सत्तारूढ़ दलों के कुछ विधायक पैसों के बंडलों के साथ दिखाई दे रहे हैं।”
वहीं, शिवसेना विधायक महेंद्र थोरवे ने कहा कि महेंद्र दलवी ऐसे मामलों में शामिल नहीं हो सकते और दानवे ने जानबूझकर विधानसभा सत्र के दौरान वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है।
शिवसेना नेता एवं मंत्री शंभूराज देसाई ने भी दानवे पर सनसनी फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
थोरवे ने सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे को भी इस मामले से जोड़ने की कोशिश की और कहा कि (महायुति) गठबंधन ने अपने ही घर में दुश्मन पाल रखे हैं।
तटकरे व शिवसेना विधायक थोरवे, दलवी और मंत्री भरत गोगावाले के बीच प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है। चारों रायगड जिले से ताल्लुक रखते हैं।
दानवे की पोस्ट पर प्रतिक्रिया जताते हुए, कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि भाजपा, शिवसेना और राकांपा का महायुति गठबंधन केवल राज्य को लूटने के लिए सत्ता चाहता था।
आदित्य ठाकरे ने सवाल किया कि भाजपा वायरल वीडियो में दिख रहे "शिवसेना नेताओं" के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। राज्य के पूर्व मंत्री ने प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवसेना के "गद्दार गिरोह" के नेता का नकदी के साथ वीडियो बेहद खतरनाक है और "गद्दार गिरोह" द्वारा जबरन वसूली के ऐसे कई वीडियो हैं।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘अब, एकमात्र सवाल यह उठता है कि भाजपा, जो खुद को एक अलग तरह की पार्टी कहती है और यह भी कहती है कि 'ना खाएंगे, ना खाने देंगे', किस नीति के तहत इन नेताओं को बचा रही है।’’
भाषा अमित