टीएमसी का मतलब 'तुष्टीकरण, माफिया, करप्शन' : अमित शाह
नेत्रपाल पवनेश
- 10 May 2024, 10:14 PM
- Updated: 10:14 PM
(तस्वीरों के साथ)
माजदिया/बीरभूम, 10 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संदेशखालि मुद्दे पर चुप रहने को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का मतलब ‘तुष्टीकरण, माफिया और करप्शन’ (भ्रष्टाचार) है।
राणाघाट और बीरभूम लोकसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि संदेशखालि की महिलाओं का "धर्म के आधार पर उत्पीड़न किया गया" और भाजपा "किसी भी अपराधी को नहीं बख्शेगी तथा उन्हें सलाखों के पीछे डाल देगी"।
शाह ने बनर्जी पर नागरिकता (संशोधन) अधिनियम पर लोगों को "गुमराह" करने का भी आरोप लगाया और राज्य में भ्रष्टाचार से संबंधित मुद्दों पर तृणमूल सरकार की आलोचना की।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘टीएमसी का मतलब ‘तुष्टीकरण’, ‘माफिया’ और ‘करप्शन’ है। ममता जी, आप घुसपैठियों का रेड कार्पेट पर स्वागत करती हैं क्योंकि वे आपके वोट बैंक हैं। लेकिन, आप हिंदुओं, सिखों को नागरिकता देने का विरोध करती हैं...लोग आपको करारा जवाब देंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ममता बनर्जी ‘मां माटी मानुष’ का नारा देकर मुख्यमंत्री बनी थीं। लेकिन कुछ ही समय में यह नारा 'मुल्ला मदरसा माफिया' में बदल गया।’’
उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा महिलाओं का यौन उत्पीड़न किए जाने के आरोपों पर शाह ने कहा कि यह शर्म की बात है कि ‘‘ममता बनर्जी ने एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद दोषियों को बचाने की कोशिश की’’।
उन्होंने कहा, ‘‘संदेशखालि में तृणमूल नेताओं ने धर्म के आधार पर हमारी सैकड़ों बहनों पर अत्याचार किया। ममता दीदी संदेशखालि के अपराधियों को गिरफ्तार करने को तैयार नहीं थीं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी जांच नहीं हुई तो उच्च न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।’’
शाह ने यह भी कहा, ‘‘जिसने भी संदेशखालि में अत्याचार किया है, चाहे वह कहीं भी छिपा हो, हम उसे ढूंढ़ेंगे और जेल में डालेंगे। भाजपा इन दोषियों को सजा देगी।’’
शाह ने कहा कि संदेशखालि में अत्याचार "ममता बनर्जी की नाक के नीचे वर्षों तक चलता रहा, क्योंकि उनकी पार्टी के एक नेता ने महिलाओं पर अत्याचार और शोषण जारी रखा"।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन, तुष्टीकरण की राजनीति के कारण ममता बनर्जी ने संदेशखालि के दोषियों को नहीं पकड़ा। उन्होंने अपने वोट बैंक के कारण वर्षों तक शोषण जारी रहने दिया।''
उनकी टिप्पणी संदेशखालि की महिलाओं के कई कथित वीडियो तृणमूल कांग्रेस द्वारा बृहस्पतिवार को साझा किए जाने के एक दिन बाद आई जिनमें दावा किया गया है कि भाजपा के एक स्थानीय नेता ने उन महिलाओं से कोरे कागजात पर हस्ताक्षर कराए और बाद में इन्हें यौन उत्पीड़न की शिकायतों के रूप में दे दिया गया।
शाह ने सीएए का विरोध करने और ‘‘घुसपैठियों के समर्थन में रैलियां निकालने’’ पर बनर्जी की आलोचना की।
राणाघाट लोकसभा क्षेत्र में मतुआ समुदाय की आबादी अच्छी-खासी है।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘वह शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने के खिलाफ क्यों हैं? वह बंगाल में घुसपैठ का समर्थन कर रही हैं, लेकिन हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता मिलने का विरोध करती हैं। वह सीएए के खिलाफ रैलियां निकाल रही हैं और घुसपैठियों का समर्थन कर रही हैं।’’
शाह ने कहा, ‘‘किसी में सीएए के साथ छेड़छाड़ करने की हिम्मत नहीं है। हम हर शरणार्थी को नागरिकता देंगे। यह (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी जी का वादा है।’’
बनर्जी ने हाल में कहा था कि अगर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ सत्ता में आता है तो संसद में एक नया कानून लाकर सीएए को निरस्त कर दिया जाएगा।
बनर्जी की पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि केवल भाजपा ही पश्चिम बंगाल में टीएमसी के ‘‘भ्रष्टाचार के शासन’’ को समाप्त कर सकती है।
शाह ने कहा, ‘‘जिस मंत्री पर गरीबों को रोजगार देने की जिम्मेदारी थी, उससे 51 करोड़ रुपये की बरामदगी हुई। यह पैसा मंत्री का नहीं, पश्चिम बंगाल की जनता का है।’’
उन्होंने यह बात पार्थ चटर्जी का जिक्र करते हुए कही जिन्हें स्कूली नौकरियों में घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘ममता दीदी राज्य में छापेमारी के लिए सीबीआई और ईडी की आलोचना कर रही हैं। हमने उनसे छापेमारी और जांच करने के लिए नहीं कहा था। अदालत ने यह आदेश दिया था।''
भाषा
नेत्रपाल