भाजपा नेताओं को पाकिस्तान से प्यार, आडवाणी ने जिन्ना को बताया था ‘धर्मनिरपेक्ष’ : भूपेश बघेल
नेत्रपाल दिलीप
- 10 May 2024, 08:38 PM
- Updated: 08:38 PM
रायबरेली, 10 मई (भाषा) मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी से उत्पन्न विवाद पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने भाजपा पर पलटवार करते हुए शुक्रवार को दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं को ही ''पाकिस्तान से प्यार'' है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में पड़ोसी देश की औचक यात्रा की थी।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक साक्षात्कार में 2005 में पाकिस्तान यात्रा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की टिप्पणी का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने देश के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना को "धर्मनिरपेक्ष" बताया था।
पाकिस्तान के संबंध में अय्यर की टिप्पणी और भाजपा के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि यह उस देश के प्रति कांग्रेस के प्रेम को दर्शाता है, बघेल ने कहा, ‘‘अगर हम 1948 या 1965 या 1971 की बात करें चाहे वह (जवाहरलाल) नेहरू का समय हो, (लाल बहादुर) शास्त्री जी का या इंदिरा (गांधी) जी का समय रहा हो... इंदिरा जी के समय में पाकिस्तान दो टुकड़ों में टूट गया था, इसलिए पाकिस्तान से हमारा प्रेम नहीं हो सकता।’’
बघेल ने कहा, "ये भाजपा के नेता हैं, जिनका पाकिस्तान से प्रेम है। जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तो वह बस से लाहौर गए थे, तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी जिन्ना की मजार पर गए थे और उन्हें धर्मनिरपेक्ष बताया था।"
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने 2015 में मोदी की पाकिस्तान की औचक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘किसी भी प्रधानमंत्री ने अपने शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति को कभी नहीं बुलाया। मोदी जी ऐसा करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं और वह बिना बुलाए पाकिस्तान में बिरयानी खाने भी गए।’’
उन्होंने दावा किया कि भाजपा का पाकिस्तान प्रेम स्पष्ट है और यह सब इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
बघेल ने कहा, "मणिशंकर अय्यर जी ने यह कब कहा? मैंने वीडियो देखा, उन्होंने स्वेटर पहना हुआ है, यह एक पुराना वीडियो है। अगर वे पुरानी बातें उठा रहे हैं, तो ये सभी मुद्दे भी हैं, जो मैंने बताए हैं।"
पाकिस्तान पर अय्यर की टिप्पणी ने शुक्रवार को विवाद खड़ा कर दिया। उनकी पार्टी ने खुद को टिप्पणियों से अलग कर लिया, जबकि भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उस पर पाकिस्तान तथा उसकी धरती से पनपने वाले आतंकवाद के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया।
अय्यर ने कहा कि वीडियो पुराना है और इसे अब इसलिए लाया गया है, क्योंकि भाजपा का चुनाव अभियान लड़खड़ा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अय्यर को यह कहते हुए सुना जाता है कि भारत को पाकिस्तान का सम्मान करना चाहिए क्योंकि वह एक संप्रभु राष्ट्र है और उससे बातचीत करनी चाहिए क्योंकि उसके पास भी परमाणु बम है।
लोकसभा चुनाव के तीन चरण पूरे होने के बाद कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन की स्थिति कैसी है, इस सवाल के जवाब में बघेल ने दावा किया कि जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव के चरण आगे बढ़े हैं, भाजपा नेताओं का आत्मविश्वास हिल गया है और वे अपने बयानों में लगातार निचले स्तर की बात करने में लगे हुए हैं।
उन्होंने दावा किया, ''चुनाव में यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा 'दक्षिण में साफ’, उत्तर भारत में हाफ' हो गई है।''
चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं की राम मंदिर से संबंधित बातों और प्रधानमंत्री मोदी की इन हालिया टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो राम मंदिर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को पलट देगी, बघेल ने कहा कि मंदिर का निर्माण हो चुका है और प्राण प्रतिष्ठा समारोह भी हो चुका है, इसलिए मामला खत्म हो गया है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन प्रधानमंत्री और भाजपा नेता अब कह रहे हैं कि उन्हें 400 सीट चाहिए, ताकि वहां मस्जिद न बने। राजीव गांधी ने कहा था कि न्यायालय का फैसला अंतिम होगा। उन्होंने रिकॉर्ड पर यह बात कही थी और कांग्रेस पार्टी का रुख हमेशा यही रहा है, तथा वह इस रुख से कभी नहीं डिगी कि अदालत का फैसला अंतिम है।’’
बघेल ने कहा, ‘‘जब उच्चतम न्यायालय का फैसला आ गया है, तो ऐसी टिप्पणी करना दिखाता है कि भाजपा के पास अब कोई मुद्दा नहीं है। वे कितना झूठ बोलेंगे और लोगों को गुमराह करने की कितनी कोशिश करेंगे।’’
उनकी यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के इस दावे के बाद आई है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो राम मंदिर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को ठीक उसी तरह पलट देगी, जैसे शाह बानो मामले में शीर्ष अदालत के 1985 के ऐतिहासिक फैसले को राजीव गांधी सरकार ने पार्टी की तुष्टीकरण की राजनीति के तहत पलट दिया था।
'धन पुनर्वितरण' के मुद्दे सहित कांग्रेस पर प्रधानमंत्री मोदी के हमलों पर बघेल ने कहा कि जब कांग्रेस के न्याय पत्र की घोषणा की गई, तो मोदी ने दावा करना शुरू कर दिया कि इसमें मुस्लिम लीग के एजेंडे को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा, "उन्होंने पहले मटन-मछली और फिर मंगलसूत्र के बारे में बात की। ये बातें कांग्रेस के घोषणापत्र में कहीं नहीं हैं। मैं कहूंगा कि एक तरह से प्रधानमंत्री ने हमारे घोषणापत्र का प्रचार किया।"
बघेल ने कहा, "जैसे ही उन्होंने मुस्लिम लीग कहा, लोगों ने इसकी पड़ताल की और यह कहीं नहीं मिला। यही बात तब हुई, जब उन्होंने मंगलसूत्र के बारे में बात की और लोगों ने पाया कि इसका कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया। यह स्पष्ट हो गया कि प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे थे।"
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को बातचीत को इस स्तर तक नहीं ले जाना चाहिए और इस तरह "झूठ" नहीं बोलना चाहिए।
बघेल ने कहा, "उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। देश में हर कोई जानता है कि कांग्रेस के न्याय पत्र में क्या है -नारी न्याय, युवा न्याय, श्रमिक न्याय, हिस्सेदारी न्याय, किसान न्याय। लोग इनके बारे में जानते हैं, लेकिन कोई नहीं जानता कि भाजपा के घोषणापत्र में क्या है। उनके उम्मीदवार भी नहीं बता पाएंगे कि घोषणापत्र में क्या है।''
यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन को कितनी सीट मिलेंगी, उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन यह तय है कि भाजपा के नेतृत्व वाला राजग बाहर जा रहा है और विपक्षी गठबंधन सत्ता में आ रहा है।
बघेल यहां रायबरेली सीट के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक हैं और वह सिलसिलेवार तरीके से सार्वजनिक पहुंच कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
भाषा नेत्रपाल