छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर, तीन जवानों की भी मृत्यु
सं संजीव जितेंद्र
- 03 Dec 2025, 11:44 PM
- Updated: 11:44 PM
बीजापुर, तीन दिसंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को मार गिराया तथा इस घटना में तीन जवानों की भी मृत्यु हो गयी। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बीजापुर–दंतेवाड़ा जिले की सीमा से लगे पश्चिम बस्तर डिवीजन इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए तथा तीन जवानों की भी मृत्यु हो गई एवं दो जवान घायल हो गये।
जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि बीजापुर–दंतेवाड़ा जिले की सीमा से लगे पश्चिम बस्तर डिवीजन इलाके में आज सुबह नौ बजे जिला रिजर्व गार्ड दंतेवाड़ा-बीजापुर, एसटीएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन को गश्त पर रवाना किया गया था।
यादव ने बताया कि अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच लगातार रुक-रुक कर गोलीबारी चलती रही तथा क्षेत्र में सुरक्षाबलों की निर्णायक एवं आक्रामक कार्रवाई जारी है।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से अब तक 12 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं तथा एसएलआर राइफलें, .303 राइफलें तथा अन्य हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान डिविजनल कमेटी सदस्य मोडियामी वेल्ला के रूप में हुई है और उसपर आठ लाख रुपए का इनाम था।
अधिकारी ने बताया कि वेल्ला, माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की कंपनी नंबर दो के कमांडर के तौर पर सक्रिय था और सुरक्षाबलों पर हमलों की कई घटनाओं में शामिल था, जिसमें 2020 का मिनपा हमला (सुकमा) और 2021 में टेकलगुडेम (बीजापुर) हमला शामिल है।
मिनपा हमला में 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और टेकलगुडेम हमले में 22 सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई थी।
सुंदरराज ने बताया कि इस मुठभेड़ में डीआरजी बीजापुर के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी की भी मृत्यु हो गयी जबकि डीआरजी के दो अन्य जवान घायल हो गये।
उन्होंने कहा कि घायल जवानों को प्राथमिक उपचार प्रदान कर दिया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि क्षेत्र में लगातार खोज अभियान जारी है तथा अतिरिक्त बलों को रवाना किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मुठभेड़ में जान गंवाने वाले जवानों के बारे में कहा कि जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
साय ने ‘एक्स’ पर कहा, “बीजापुर जिले में जारी नक्सल-विरोधी अभियान में आज (बुधवार को) हमारे वीर सुरक्षाबलों ने 12 माओवादियों का खात्मा किया। क्षेत्र में लगातार खोच अभियान जारी है। इस मुठभेड़ में डीआरजी बीजापुर के प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और आरक्षक रमेश सोड़ी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। मैं इन वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”
उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि शोक-संतप्त परिजनों को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
साय ने कहा कि मुठभेड़ में घायल दो अन्य जवान खतरे से बाहर हैं और उनके समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा, “मैं उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारे जांबाजों की यह बहादुरी और सफल कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि लाल आतंक का अंत अब बहुत निकट है। हमारी सरकार और हमारे सुरक्षाबल ‘माओवाद के पूर्ण खात्मे’ के संकल्प पर दृढ़ता से अडिग हैं।”
उन्होंने कहा कि जब तक बस्तर के अंतिम गांव तक शांति, सुरक्षा और विकास का प्रकाश नहीं पहुंच जाता, तब तक हमारा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई के साथ इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ में 275 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 246 बीजापुर समेत सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में मारे गए। वहीं 27 नक्सली रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत गरियाबंद जिले में मारे गए। राज्य के दुर्ग क्षेत्र के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो नक्सली मारे गए।
भाषा सं संजीव