विपक्षी नेताओं ने नेहरू पर राजनाथ की टिप्पणी को ध्यान भटकाने का प्रयास बताया
हक अविनाश
- 03 Dec 2025, 04:40 PM
- Updated: 04:40 PM
नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) विपक्ष के कई नेताओं ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर दिए गए एक बयान की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक तथ्यों को विकृत करने तथा असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास करती है।
सिंह ने मंगलवार को गुजरात में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सार्वजनिक धन से ‘‘बाबरी मस्जिद’’ बनवाना चाहते थे, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने उनकी योजना सफल नहीं होने दी।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों का उद्देश्य उन वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाना है जिन पर चर्चा की आवश्यकता है।
वायनाड से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘ये सभी ध्यान भटकाने वाली बातें हैं। ऐसे कई अन्य वास्तविक मुद्दे हैं जिन पर चर्चा की जरूरत है। वे हर दिन ध्यान भटकाते हैं ताकि हम लोगों के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने में असमर्थ हों।’’
चंडीगढ़ से कांग्रेस के लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी ने कहा कि रक्षा मंत्री को ‘‘अपनी कहानी के अनुरूप इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने के बजाय’’ सामरिक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
सहारनपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने भी सिंह के दावे पर सवाल उठाया।
मसूद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह ऐसी टिप्पणी क्यों कर रहे हैं। हम केवल एक ऐतिहासिक दस्तावेज के बारे में जानते हैं। अगर यह पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित है, तो उनके पास दस्तावेज होना चाहिए...।’’
समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि रक्षा मंत्री को मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘राजनाथ सिंह बहुत अनुभवी नेता और भारत के रक्षा मंत्री हैं और उन्हें हमारे सशस्त्र बलों और सेनानियों को सुविधाएं और अन्य सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए... मेरा मानना है कि रक्षा मंत्री को ऐसे मामलों की पूरी जानकारी नहीं होगी। आप जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी ऐतिहासिक तथ्यों को कैसे प्रस्तुत करती है, और मुझे लगता है कि पूरा देश इसे समझता है।’’
तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, ‘‘राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री के रूप में एक बहुत ही जिम्मेदार संवैधानिक पद पर हैं। वह इतने वरिष्ठ नेता हैं... यह उन्हें शोभा नहीं देता। वह जो कह रहे हैं, उसके सबूत पेश करने चाहिए या माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए। यह शर्मनाक है।’’
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