राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण में आईएसआईएस जांच अनुसंधान प्रकोष्ठ का दायरा बढ़ाया गया: सरकार
सुभाष अविनाश
- 02 Dec 2025, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) सरकार ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के भीतर एक इकाई का दायरा बढ़ाते हुए, विश्व भर में आतंकवाद के सभी प्रकारों को इसमें शामिल कर देश की आतंकवाद-रोधी अनुसंधान और जांच क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है।
लोकसभा में मंगलवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि एनआईए के आईएसआईएस जांच अनुसंधान प्रकोष्ठ (आईआईआरसी) का नाम बदलकर आतंकवाद निरोधक अनुसंधान प्रकोष्ठ (सीटीआरसी) कर दिया गया है, जिसका उद्देश्य आतंकवाद के सभी प्रकारों को इसमें शामिल करना है।
मंत्री ने बताया, ‘‘सरकार ने जनवरी 2018 में एनआईए में आईएसआईएस जांच अनुसंधान प्रकोष्ठ बनाया था और आतंकवाद के अन्य प्रकारों तक इसका दायरा बढ़ाया गया है तथा इसका नाम बदलकर आतंकवाद निरोधक अनुसंधान प्रकोष्ठ (सीटीआरसी) कर दिया गया है।’’
सरकार का यह कदम इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) द्वारा उत्पन्न विशिष्ट चुनौतियों से परे, चरमपंथी और आतंकवादी खतरों का विश्लेषण करने और उसका मुकाबला करने के लिए रणनीतिक बदलाव का संकेत है।
आईआईआरसी का नाम बदलकर सीटीआरसी करने के अलावा, मंत्री ने एनआईए को आधुनिक व मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई अन्य विशेष उपायों का विवरण दिया, जिनमें मानव तस्करी रोधी प्रभाग (एएचटीडी), साइबर आतंकवाद रोधी प्रभाग (एसीटीडी), वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) प्रकोष्ठ और वित्तीय विश्लेषण इकाई (एफएयू) शामिल हैं।
उन्होंने एक अन्य विशेष इकाई, राष्ट्रीय आतंकवाद डेटा संलयन और विश्लेषण केंद्र (एनटीडीएफएसी) स्थापित किये जाने के बारे में भी जानकारी दी, जो बेहतर दक्षता व जवाबदेही के लिए जांच प्रक्रियाओं के स्वचालन और डिजिटलीकरण को सुगम करेगा।
उल्लेखनीय है कि 2019 में, एनआईए को अंतरराष्ट्रीय संधियों और अन्य देशों के घरेलू कानूनों के अधीन, भारत के बाहर किये गए अपराधों की जांच करने की अनुमति दी गई थी।
एनआईए की स्थापना 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद की गई थी।
एनआईए को मजबूत करने के लिए किये गए उपायों का ब्योरा देते हुए राय ने कहा कि एजेंसी में वर्तमान में कुल 1,901 पद हैं, जिनमें से 769 पद पिछले पांच वर्षों में स्वीकृत किये गए हैं।
मंत्री ने बताया, ‘‘इसके अलावा, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908, मानव तस्करी, साइबर आतंकवाद और शस्त्र अधिनियम, 1959 से संबंधित अपराधों की जांच के लिए एनआईए के कार्यक्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। देश के विभिन्न भागों में 21 शाखा कार्यालय स्थापित करके एनआईए का कार्यक्षेत्र पूरे भारत में विस्तारित किया गया है, जिसमें दो क्षेत्रीय कार्यालय (गुवाहाटी और जम्मू में) हैं और दिल्ली में इसका मुख्यालय है।’’
उन्होंने बताया कि एनआईए भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता, विभिन्न देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों, एनआईए अधिनियम, 2008 की अनुसूची में निर्दिष्ट अंतरराष्ट्रीय संधियों आदि से संबंधित मामलों को प्रभावित करने वाले अपराधों की जांच करती है और मुकदमा चलाती है।
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