केआईआईएफबी के सीईओ ने मसाला बॉण्ड मामले में फेमा उल्लंघन के ईडी के आरोपों को खारिज किया
सिम्मी पारुल
- 01 Dec 2025, 11:44 PM
- Updated: 11:44 PM
तिरुवनंतपुरम, एक दिसंबर (भाषा) केआईआईएफबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) केएम अब्राहम ने मसाला बॉण्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी नोटिस पर सोमवार को स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि बोर्ड ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) या किसी अन्य कानून के किसी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है।
अब्राहम ने फेसबुक पर एक ‘पोस्ट’ में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के कारण बताओ नोटिस में लगाए गए आरोप झूठे आंकड़ों, तथ्यों की गलत व्याख्या और लागू नियमों की गलत समझ पर आधारित हैं।
अब्राहम ने कहा, ‘‘सीईओ के रूप में, मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि केआईआईएफबी ने फेमा या किसी अन्य कानून के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है। मसाला बॉण्ड की आय का उपयोग वैध एवं उचित तरीके से और केरल के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया गया है।’’
इससे पहले, ईडी के अधिकारियों ने पुष्टि की कि उसने केआईआईएफबी मसाला बॉण्ड मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव केएम अब्राहम को फेमा उल्लंघन से संबंधित कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
उन्होंने बताया कि ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत यह नोटिस करीब 10 से 12 दिन पहले जारी किया था। इसमें व्यक्तिगत रूप से पेश होने की आवश्यकता नहीं होती है।
अब्राहम ने कहा कि उन्हें, मुख्यमंत्री और इसाक को जारी नोटिस 2019 में जारी केआईआईएफबी के मसाला बॉण्ड से धन के इस्तेमाल से संबंधित हैं, जिसमें भूमि खरीद के लिए 466 करोड़ रुपये के उपयोग में फेमा के उल्लंघन का विशेष रूप से आरोप लगाया गया है।
उन्होंने दावा किया कि इन निधियों का उपयोग सभी लागू नियमों के सख्त अनुपालन में किया गया है, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बाह्य वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) दिशानिर्देश और समय-समय पर लागू फेमा प्रावधान शामिल हैं।
अब्राहम ने कहा, ‘‘हर एक रुपये का हिसाब रखा गया है, उसका ऑडिट किया गया है और उसे वैध बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इस्तेमाल किया गया है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ने अपने कारण बताओ नोटिस में इस तथ्य को आसानी से नजरअंदाज कर दिया है कि भूमि अधिग्रहण फेमा के तहत आरबीआई के लागू निर्देशों के अनुसार प्रतिबंधित गतिविधि नहीं है।
भाषा सिम्मी